कानपुर , संवाददाता :Kanpur News: कानपुर में पांडु नदी के उफान से मर्दनपुर उपकेंद्र और कई बस्तियां डूब गईं, जिससे 56 गांवों में बिजली ठप हो गई और लगभग एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों को सड़कों पर शरण लेनी पड़ रही है। वहीं, प्रशासन ने ट्रैक्टरों के जरिये प्रभावितों तक राहत सामग्री पहुंचाना शुरू कर दिया है। कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ दक्षिण क्षेत्र में बाढ़ ने जिंदगी की रफ्तार रोक दी है। कहीं बिजली का उपकेंद्र पानी में डूब गया, तो कहीं गरीब मजदूरों के आशियाने जलमग्न हो गए। मर्दनपुर स्थित बिजली उपकेंद्र में पानी भरने से इससे जुड़े 56 गांवों की बिजली आपूर्ति शनिवार को बंद हो गई। पीएचसी भी जलमग्न होने से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हैं। पिपौरी-बिहारीपुरवा क्षेत्र में शुक्रवार को दो फीट तक पानी भरा था। शनिवार को यह बढ़कर तीन फीट हो गया। पनकी एलएमएल के पीछे आश्रम के पास हालात और बदतर हैं। यहां फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की झोपड़ियां पूरी तरह पानी से घिर गई हैं। परिवार गृहस्थी लेकर सड़क पर निकल आए। किसी ने पेड़ के नीचे आसरा लिया तो कई सड़क किनारे रात गुजारने पर मजबूर हैं। आश्रम के पास बने मंदिर तक में पानी पहुंच गया है। मेहरबान सिंह पुरवा के अलावा शनिवार को गोपालपुरवा, बर्रा आठ, गुजैनी, बनपुरवा, वरुण विहार, कपिली और बौद्ध विहार समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। मजदूरों के लिए बाढ़ दोहरी मार लेकर आई करीब एक लाख लोग इससे प्रभावित हैं। पानी बढ़ने से परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्रों का रुख करना पड़ा है। बाद का पानी मर्दनपुर विद्युत उपकेंद्र तक पहुंचने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। पनकी औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए बाढ़ दोहरी मार लेकर आई है। झोपड़ियों में पानी भरने के बाद परिवारों के पास सुरक्षित ठिकाने का संकट है। बच्चे और महिलाएं सामान के साथ सड़क किनारे रहने पर मजबूर हैं। खुजली और बुखार की शिकायतें बढ़ींरोज कमाने-खाने वाले इन परिवारों के सामने अब रोजगार से ज्यादा सिर छिपाने की चिंता है। भोपालपुरवा के भगवानदीनपुरवा जाने वाली मुख्य सड़क पर दयाल फार्म हाउस के पास करीब डेढ़ फीट पानी भरा है। यही रास्ता ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। पानी भरा होने के बावजूद लोग इसी से होकर निकलने को मजबूर हैं। बनियापुरवा में भी सड़क पर जलभराव से आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों ने पानी में आने-जाने से खुजली और बुखार की शिकायतें बढ़ने की बात कही है। विधायक ने वैकल्पिक बिजली की व्यवस्था कराने को कहाविधायक अभिजीत सिंह ने शनिवार को उपकेंद्र पहुंचकर अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित गांवों के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बिजली उपकेंद्र को ऊंचा कराने के लिए अफसरों से कहा। जलभराव से घिरे इलाकों में ट्रैक्टर से पहुंचाई जरूरी सामग्रीकानपुर। मकड़ीखेड़ा, धनऊपुरवा, अचाकपुरवा और मर्दनपुर समेत कई क्षेत्रों की आबादी में भारी जलभराव के चलते शनिवार को लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। प्रभावित परिवारों तक जरूरी खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन ने ट्रैक्टर से घर-घर जाकर स्थानीय निवासियों को दूध, ब्रेड और बन समेत आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। Post navigation 31वें दिन हनुमान अंश ने ‘नीम करोली बाबा’ की कृपा से की बम्फर कमाई