Bihar : पप्पू यादव के समर्थन में उतरे शिवानंद तिवारी

bihar-news

पटना,संवाददाता :Bihar : राजनीतिक मैदान में आज न तो जदयू के खेमे में हैं और न ही राजद में, लेकिन सोशल मीडिया के मैदान से वह लगातार फायरिंग करते नजर आते हैं। आज पप्पू यादव के समर्थन में उतर कर पुलिस के द्वारा की गई गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था पर खूब सवाल किए।

शिवानंद तिवारी आज की तारीख में किसी राजनीतिक दल में भले न हों, लेकिन सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी जताते रहते हैं। राजनीतिक घटनाक्रम पर अक्सर अपनी प्रतिक्रिया देते रहते हैं। आज वह फिर सोशल मीडिया पर आए और अपनी बात रखी। उन्होंने पप्पू यादव को लेकर चर्चा की जिसमें न्याय व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव की प्रशंसा में खूब कसीदे पढ़े। 

क्या लिखा सोशल मीडिया पर 
शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “पप्पू यादव बिहार की राजनीति में एक अनोखे और विशिष्ट व्यक्तित्व हैं। वे ऐसे एकमात्र राजनेता हैं, जिन्होंने तीन बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। निर्दलीय उम्मीदवार और भी रहे हैं, लेकिन एक से अधिक बार निर्दलीय चुनाव जीतने का इतिहास सिर्फ पप्पू यादव के नाम दर्ज है। कुल मिलाकर अब तक वे छह मर्तबा लोकसभा का चुनाव जीत चुके हैं। अपने चुनावी सफ़र की शुरुआत उन्होंने विधानसभा चुनाव से की थी। वह चुनाव भी वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ही लड़े और जीते थे।”

कोरोना और बाढ़ की त्रासदी के बीच पप्पू यादव की दिलाई याद

शिवानंद तिवारी ने आगे लिखा, “पप्पू यादव का शरीर भले ही भारी-भरकम हो, लेकिन उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खासियत उनकी असाधारण सक्रियता है। बिहार की राजनीति में शायद ही कोई ऐसा नेता हो, जो इतनी ऊर्जा और फुर्ती के साथ हर जगह मौजूद रहता हो।

सुबह वे कहीं और दिखाई देते हैं, शाम को किसी दूसरे इलाके में लगातार जनता के बीच। कोरोना महामारी के दौरान यह पूरे बिहार ने देखा कि जब सरकार मृत्यु के आंकड़ों को लेकर सच्चाई से मुंह मोड़ रही थी, तब पप्पू यादव बिना मास्क के श्मशान घाटों पर खड़े होकर सच्चाई सामने ला रहे थे। पटना के विभिन्न श्मशान घाटों में हो रहे दाह-संस्कार इस बात की गवाही दे रहे थे कि सरकारी आंकड़े वास्तविकता से बहुत कम बताए जा रहे हैं।

पटना के कंकड़बाग इलाके में जब छाती भर पानी भरा हुआ था, लोग पीने के पानी को तरस रहे थे और सरकारी सहायता कहीं दिखाई नहीं दे रही थी, तब पप्पू यादव उसी पानी में उतरकर लोगों तक पीने का पानी पहुँचा रहे थे। आज वही पप्पू यादव गिरफ्तार हैं।

 न्याय व्यवस्था पर उठाया सवाल

शिवानंद तिवारी ने न्याय व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि, “बताया जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी किसी अत्यंत पुराने मामले में हुई है। हमारे देश की न्याय व्यवस्था की यह एक विडंबना है कि मुकदमे 25–30 वर्षों तक चलते रहते हैं और अचानक किसी एक दिन गिरफ्तारी हो जाती है। काग़ज़ों में लिखा होता है कि अभियुक्त को समन जारी किया गया, लेकिन वह अभियुक्त तक कभी पहुँचता ही नहीं। अचानक पुलिस गिरफ़्तारी का वारंट लेकर पहुँच जाती है। इसका व्यक्तिगत अनुभव हम लोगों को भी रहा है।”

न्यायपालिका और पुलिस की कार्यशैली पर उठाया सवाल 
शिवानंद तिवारी ने अपनी बात को समाप्त करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि,  “पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने एक बार फिर न्यायपालिका और पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हमें विश्वास है कि उन्हें जल्द जमानत मिल जाएगी, लेकिन इस घटना ने हमारी कानून व्यवस्था की कार्यप्रणाली को उजागर अवश्य कर दिया है। पप्पू यादव के प्रति मैं अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त करता हूँ और आशा करता हूँ कि वे शीघ्र ही जेल से बाहर आकर पहले की तरह जनता के बीच सक्रिय होंगे। शिवानन्द”

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World