नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क : एमएस धोनी भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा नाम है, जिसे कोई भुला नहीं सकता। भारतीय क्रिकेट के लिए महेन्द्र सिंह धोनी ने जो किया है वो किसी और खिलाडी ने नहीं किया। 2007 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। धोनी को मिली कप्तानी-इसके बाद उन्हें भारत की वनडे और टेस्ट टीम की कप्तानी भी सौंपी गई। वे एक सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर थे। धोनी एक ऐसे ऑलराउंडर है, जिसकी तलाश टीम इंडिया को हमेशा थी। धोनी की कप्तानी में भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी जीती है। इसके बाद से पिछले 10 वर्षो से भारत कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाया है। डेब्यू से ही पक्की की जगह-महेंद्र सिंह धोनी ने अपने डेब्यू के बाद से ही टेस्ट और वनडे टीम में अपनी जगह पक्की कर किया था । महेंद्र सिंह धोनी के रहते हुए पार्थिव पटेल और दिनेश कार्तिक टीम से बाहर रहे। रिद्धिमान साहा को भी टीम में बैकअप के तौर पर इस्तेमाल किया गया। क्या बोले पार्थिव-अब पार्थिव पटेल ने धोनी की जमकर प्रशंसा किया और खुलासा किया कि उन्हें टीम इंडिया के लिए क्यों चुना गया। उन्होंने धोनी की सफलता का श्रेय उनको ही दिया है। पार्थिव ने कहा कि “धोनी महान हैं। इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन जो आपका पहला कप्तान होता है तो आपके मन में हमेशा उनके लिए एक सॉफ्ट कॉर्नर रखता है। और मेरे मन में भी यही है। मैंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए तीन वर्षो तक खेला है। मैं यह कह सकता हूं, लेकिन मैंने अपना टेस्ट डेब्यू या वनडे डेब्यू धोनी के टीम में आने से पहले किया था।” Post navigation नहीं रहे मनोरंजन जगत के मशहूर अभिनेता ब्रिजेश त्रिपाठी Lucknow Zoo : हिप्पो के हमले में चिड़ियाघर के कर्मचारी की मौत