नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : PM-YUVA 3.0 : प्रधानमंत्री की युवा लेखकों के मार्गदर्शन से जुड़ी योजना PM-YUVA 3.0 के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) द्वारा शिक्षा मंत्रालय के तहत लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य युवा लेखकों को लेखन और विचारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
इस संस्करण में 30 वर्ष से कम उम्र के 43 युवा लेखकों के पुस्तक प्रस्तावों का चयन किया गया है। ये चयन 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में हुए हैं, जिनमें असमिया, बांग्ला, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, मैथिली, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, संताली, सिंधी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं। यह व्यापक भाषाई भागीदारी देश में समावेशी साहित्यिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य को और मजबूत करती है। चयनित 43 लेखकों में 19 महिलाएं और 24 पुरुष हैं।
प्रत्येक लेखक को इस अवधि में 50 हजार रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी
इन चयनित लेखकों की पांडुलिपियों को छह महीने तक प्रतिष्ठित विद्वानों के मार्गदर्शन में पुस्तक के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक लेखक को इस अवधि में 50 हजार रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी और प्रकाशित पुस्तक पर जीवनभर 10 प्रतिशत रॉयल्टी भी मिलेगी।
PM-YUVA 3.0 के लिए विषयों में भारतीय प्रवासी समुदाय का राष्ट्र निर्माण में योगदान, भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक भारत के निर्माता (1950–2025) शामिल हैं। चयनित पुस्तकें नॉन-फिक्शन होंगी, जो इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, दर्शन, शासन, सामाजिक सुधार और भारत की वैश्विक भूमिका जैसे विषयों को समेटेंगी।
चयनित लेखकों का एक राष्ट्रीय शिविर जनवरी 2026 में होने वाले नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला के दौरान आयोजित किया जाएगा। PM-YUVA 3.0 के तहत तैयार की गई पुस्तकों का पहला सेट अगले वर्ष प्रकाशित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय साहित्य और विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाली नई पीढ़ी के लेखकों को तैयार करना है।
