आगरा,संवाददाता : एडीजी आगरा जोन ने एक नवंबर 2023 को ऑपरेशन जागृति अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के बाद महिला अपराध में 17 फीसदी की कमी आई है। आगरा जोन के सात जिलों में एक नवंबर 2023 से चलाया गया ऑपरेशन जागृति अभियान प्रभावी रहा है। पुलिस विभाग ने दावा किया गया है कि जागरूकता से महिला अपराध में 17 फीसदी की कमी आई है। पॉक्सो एक्ट के 773 मामलों में सजा दिलाई गई। रानी लक्ष्मीबाई कोष और एसएस-एसटी की पीड़ित महिलाओं को आर्थिक सहायता के रूप में करोड़ों की धनराशि प्रदान की गई। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अभियान का उद्देश्य अपराध पीड़िताओं की काउंसलिंग और सहयोग करना था। संवाद के बाद सामने आया कि कई बार छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले महिलाएं परिवार के लोगों के कहने पर लिखवा रही थीं। इस पर परिवार के लोगों को समझाया गया। ऑपरेशन जागृति न केवल अपराधों में कमी लाने में सफल रहा है, बल्कि समाज में विश्वास, संवाद और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत किया गया। इसके तहत 29 लाख लोगों से सीधा संवाद किया गया। इस तरह से सोशल मीडिया पर 95 लाख से अधिक लोगों तक पकड़ बनाई गई। 717 सफलता की कहानी सामने आईं हैं। आंकड़ों के हिसाब से कमी एडीजी कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार, धारा 376 आईपीसी/64 बीएनएस के मामलों में 10.55 प्रतिशत, पॉक्सो एक्ट के मामलों में 14.27 प्रतिशत और धारा 354 आईपीसी/74 बीएनएस के मामलों में 31.06 प्रतिशत की कमी आई। इस तरह महिला संबंधी कुल अपराधों में 17.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एससी-एसटी की महिलाओं को दिलाई 4.5 करोड़ की धनराशि1 नवंबर 2023 से अब तक 843 प्रकरणों में पीड़ित एससी/एसटी महिलाओं को 4.5 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मथुरा को 97 लाख, फिरोजाबाद को 92 लाख, हाथरस को 81 लाख, मैनपुरी को 76 लाख, कासगंज को 53 लाख, एटा को 47 लाख और अलीगढ़ को 23 लाख रुपये की सहायता दी गई। एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अभियान का उद्देश्य अपराध पीड़िताओं की काउंसलिंग और सहयोग करना था। संवाद के बाद सामने आया कि कई बार छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले महिलाएं परिवार के लोगों के कहने पर लिखवा रही थीं। इस पर परिवार के लोगों को समझाया गया। ऑपरेशन जागृति न केवल अपराधों में कमी लाने में सफल रहा है, बल्कि समाज में विश्वास, संवाद और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत किया गया। इसके तहत 29 लाख लोगों से सीधा संवाद किया गया। इस तरह से सोशल मीडिया पर 95 लाख से अधिक लोगों तक पकड़ बनाई गई। 717 सफलता की कहानी सामने आईं हैं। महिला अपराध के 159 प्रकरणों में 5 करोड़ रुपये की सहायता एडीजी ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई योजना के अंतर्गत 159 प्रकरणों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता पीड़िताओं को दिलाई गई। सबसे अधिक 3.7 करोड़ रुपये की धनराशि अलीगढ़ में दी गई, जबकि कासगंज में 63 लाख, फिरोजाबाद में 25 लाख, मैनपुरी में 24 लाख, मथुरा में 21 लाख और हाथरस में 12 लाख रुपये की सहायता दी गई। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट के 773 मामलों में सजा दिलवाई गई। यह है आंकड़ावर्ष, दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट, छेड़छाड़, कुल मामले2023 : 844, 1135, 2093, 10092 2024 : 755, 973, 1443, 8308 Post navigation Varanasi : पहड़िया मंडी में अवैध निर्माण को किया गया ध्वस्त, सुरक्षा के कड़े इंतजाम मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से आक्रोश, भीड़ ने किया पुलिस पर पथराव