मेरठ, संवाददाता : मेरठ में जानलेवा हमले के प्रकरण में गिरफ्तारी के लिए पहुंची देहली गेट थाने की पुलिस के सामने बदमाश ने जमकर हंगामा किया। एक पुलिसकर्मी का गिरेबान पकड़ कर उस पर तमंचा तान दिया। अपने साथी को छोड़ने की मांग की। इस के पहले आरोपी ने हवाई फायरिंग भी की। बाद में खुद की कनपटी पर तमंचा रख पुलिस को आत्महत्या की धमकी दिया ।
वहीं, इस प्रकरण की सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। किसी तरह तमंचा छीनकर बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और थाने ले गई। एक घंटे तक चले घटनाक्रम के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं।
देहली गेट थाना क्षेत्र के सरायलालदास निवासी मनीष प्रजापति ने राशिद और दानिश आदि के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में पुलिस ने दानिश को गिरफ्तार कर लिया था। राशिद को गिरफ्तार करने पुलिस पहुंची तो उसने दोनों हाथों में तमंचा लेकर भागने का प्रयास किया। उसने तमंचे से एक हवाई फायर कर दिया। इसी बीच सिपाही बंटी ने आरोपी से एक तमंचा छीन लिया। जिसके बाद उसने बंटी का गिरेबान पकड़ कर उस पर दूसरा तमंचा तान दिया और गोली मारने की धमकी दी।
पुलिसकर्मियों से की गाली-गलौज
उन्होंने राशिद को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज करता रहा। हंगामे की सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। फोर्स बढ़ती देख राशिद ने खुद की कनपटी पर तमंचा रख लिया और खुद को गोली मारने की धमकी देने लगा। उसने अपने साथी दानिश को छोड़ने की मांग भी पुलिस से किया । करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद आरोपी के हाथ से पुलिस ने किसी तरह तमंचा छीना और उसे गिरफ्तार कर थाने ले गई।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि आरोपी को कोतवाली और देहली गेट पुलिस ने अपनी बातचीत में उलझाकर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। कोतवाली में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। आरोपी के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी दो बार जेल जा चुका है। उसका अपराधिक इतिहास ढूंढा जा रहा है।
इस प्रकरण में गिरफ्तार करने पहुंची थी पुलिस
राशिद और उसके साथी दानिश के खिलाफ दर्ज कराई रिपोर्ट में मनीष प्रजापति ने बताया कि 24 जनवरी की रात वह अपने छोटे भाई यश और चचेरे भाई पीयूष व पड़ोसी के साथ शालीमार होटल में खाना खाने गए थे। वह सभी आपस में हंसी-मजाक कर रहे थे। जिस पर वहां मौजूद राशिद व दानिश और उनके एक अज्ञात साथी ने गाली-गलौज की और कहने लगे तुम्हें बहुत हंसी आ रही है। इसके बाद राशिद ने तमंचा निकाल कर उन पर तान दिया। धमकाने के बाद फरार हो गए।
पुलिसकर्मी पर अवैध वसूली करने का आरोप
राशिद हंगामे के बीच बार-बार एक पुलिसकर्मी पर अवैध वसूली का आरोप लगाता रहा। कहा कि उसने अपने साथी को छुड़ाने के लिए एक लाख रुपये ऑनलाइन दिए हैं। पुलिसकर्मी अब डेढ़ लाख रुपये मांग रहा है। उसने अपने रुपये वापस दिलाने की मांग की। दरोगा जितेंद्र को थाने से बुलाने की मांग करने लगा। दरोगा के न आने पर पुलिसकर्मी को गोली मारने की धमकी दी। बाद में अपनी कनपटी से तमंचा लगाकर बोला कि मैं भागूंगा नहीं। पुलिस वाले घेरा बना लो और अपने हथियार मुझ पर तान लो। यदि मैं भागने की कोशिश करूंगा तो गोली मार देना। वह वीडियो बनाने के लिए कहता रहा।