नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने टेक कंपनियों Porter और GigIndia (गिगिन) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।
रोजगार के नए मॉडल को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि यह समझौता रोजगार के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखकर किया गया है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर श्रमिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है।
एनसीएस पोर्टल से जुड़ेगा डिजिटल रोजगार
इस साझेदारी के तहत नेशनल करियर सर्विस पोर्टल (एनसीएस) को तकनीक आधारित रोजगार अवसरों से जोड़ा जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
पोर्टर देगा लाखों रोजगार अवसर
पोर्टर, जो देश के 22 शहरों में लॉजिस्टिक्स सेवाएं देता है, इस पहल के तहत ड्राइविंग और डिलीवरी से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ाएगा। कंपनी का लक्ष्य हर साल करीब 6 लाख रोजगार उपलब्ध कराना है और 2030 तक इसे 30 लाख तक ले जाना है।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि इस एमओयू के जरिए हर साल लगभग 10 लाख रोजगार अवसर सृजित होंगे। उन्होंने इसे युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सरकार का रोजगार पर फोकस
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार युवाओं को नए अवसर देने और देश के कार्यबल को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल डिजिटल अर्थव्यवस्था और गिग वर्कफोर्स को संगठित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
