नेपाल के पूर्व पीएम ओली ने एनएचआरसी में बयान दर्ज कराया, क्या है मामला?
नई दिल्ली , डिजिटल डेस्क : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने जन-जेड प्रदर्शन के दौरान हुई अत्याचारों की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय जांच समिति को एक लिखित बयान सौंपा है।
सचिवालय के एक सदस्य के अनुसार जांच समिति के सामने पेश होने के लिए अडिग रहे ओली ने पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस मिलने के बाद समिति को अपना बयान सौंपा है। आयोग की टीम ने रविवार दोपहर को गंडु, भक्तपुर में ओली के नए निवास पर एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्हें सात दिनों के भीतर अपना बयान प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था।
ओली ने दिए 60 सवालों के जवाब
ओली ने तुरंत अपने निवास पर ही लिखित बयान प्रदान किया, जिसमें उन्होंने 60 प्रश्नों के उत्तर दिए। ओली ने जन-जेड आंदोलन के दौरान 8 और 9 सितंबर को हुई हिंसा के संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सामने अपना बयान दर्ज कराया।
दर्जनों लोगों के बयान दर्ज कर चुका है आयोग
एनएचआरसी की सदस्य लिली थापा के अनुसार ओली से प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई, तोड़फोड़ और हिंसा के बारे में सवाल पूछे गए। आयोग ने पहले ही दर्जनों व्यक्तियों के बयान लिए हैं। ओली के प्रधानमंत्री रहते हुए 8 सितंबर को काठमांडू में कुल 76 लोगों की जान गई, जिसमें 23 प्रदर्शनकारी और 10 कैदी शामिल थे।
