UP News : प्राथमिक शिक्षकों की अब होगी ऑनलाइन हाजिरी

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लखनऊ , संवाददाता : UP primary teachers : यूपी के प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों के लिए बड़ा फैसला हुआ है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद गठित कमेटी ने शिक्षकों को लेकर यह फैसला दिया।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की भी अब ऑनलाइन हाजिरी दर्ज होगी। उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसमें शिक्षकों को विद्यालय शुरू होने के एक घंटे के अंदर उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उपस्थिति प्रधानाध्यापक दर्ज करेंगे। प्रदेश के 1.33 लाख परिषदीय विद्यालयों में तैनात 4.50 शिक्षकों पर इस फैसले का असर पड़ेगा।

बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति के लिए विद्यालय शुरू होने से एक घंटे का मार्जिन दिया जाएगा। इसके बाद सिस्टम लॉक हो जाएगा। नेटवर्क की दिक्कत से हाजिरी दर्ज करने में समस्या पर ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। यह नेटवर्क सुचारु होने पर ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली में सिंक हो जाएगी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा उपस्थिति दर्ज की जाएगी। प्रधानाध्यापक द्वारा इसमें असमर्थता व्यक्त करने पर यह जिम्मेदारी दूसरे शिक्षक को दी जाएगी।

शिक्षक का पक्ष जाने बिना कोई कार्रवाई नहीं

अनुपस्थिति के संबंध में बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए तथा बिना शिक्षक का पक्ष जाने शिक्षक के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को जारी निर्देश में कहा है कि वे इस निर्णय के अनुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित कराते हुए इससे शासन को अवगत कराएं।

जुलाई 2024 में हुआ था आदेश, विरोध पर वापस

2024 में शिक्षकों के लिए डिजिटल अटेंडेंस लागू करने का आदेश जारी किया गया था। लेकिन शिक्षकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में समिति बनाकर शिक्षकों की मांगों पर निर्णय करने की बात कही गई। इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

समिति की संस्तुति पर लिया निर्णय
हाईकोर्ट ने 16 अक्तूबर को शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आदेश जारी किया था। इसी क्रम में विभाग ने एक समिति का गठन किया। इसमें महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, निदेशक बेसिक शिक्षा व एससीईआरटी, बीएसए लखनऊ, सीबीएसई के पूर्व चेयरमैन, शिक्षक शामिल थे। इनकी छह नवंबर को हुई बैठक के क्रम में यह निर्देश जारी किए गए हैं।

शिक्षक नेताओं का विरोध

शिक्षक नेताओं ने बिना शिक्षकों की मांग पूरी हुए इस आदेश को लागू करने पर आपत्ति दर्ज कराई है। इनमें शिक्षकों को ईएल-सीएल की सुविधा, आधे दिन का अवकाश, मेडिकल की सुविधा, सामूहिक बीमा, गृह जिले में तैनाती, गैर शैक्षिक कार्यों से मुक्त रखने की मांगें शामिल हैं।

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