भुवनेश्वर, संवाददाता : Rath Yatra 2026 : विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुरी जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने पुरी शहर के पांच किलोमीटर दायरे को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। इसके तहत 16 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक किसी भी व्यक्ति या संस्था को बिना अनुमति ड्रोन अथवा अन्य मानव रहित विमान प्रणाली (यूएएस) उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। अनियंत्रित संचालन से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावितजिला प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि रथ यात्रा, बाहुड़ा यात्रा और इससे जुड़े विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन का मानना है कि ड्रोन के अनियंत्रित संचालन से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ड्रोन का संचालन, उड़ान या लॉन्चिंग पूरी तरह प्रतिबंधित अधिसूचना के अनुसार, प्रतिबंध अवधि के दौरान पुरी शहर और उसके आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के ड्रोन का संचालन, उड़ान या लॉन्चिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, आधिकारिक कार्यों के लिए अधिकृत एजेंसियों को छूट दी गई है। हवाई निगरानी, सुरक्षा संचालन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, मैपिंग, दस्तावेजीकरण तथा आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ड्रोन का उपयोग किया जा सकेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाईप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वही एजेंसियां ड्रोन संचालित कर सकेंगी जिन्हें जिला प्रशासन और पुरी के पुलिस अधीक्षक की सहमति से विशेष अनुमति प्रदान की गई हो। सुरक्षा एजेंसियां रथ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग कर सकती हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अवहेलना कर ड्रोन उड़ाने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023, विमान अधिनियम-1934, विमान नियम-1937, ड्रोन नियम-2021 और अन्य लागू कानूनों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। हर साल आते हैं लाखों भक्तरथ यात्रा के दौरान ड्रोन संचालन से जुड़े मामलों के समन्वय के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (राजस्व) सुशांत कुमार पति को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकृत एजेंसियों को ड्रोन संचालन संबंधी अनुमति और समन्वय के लिए उनसे संपर्क करना होगा। गौरतलब है कि जगन्नाथ रथ यात्रा देश ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए पहले से व्यापक तैयारियों में जुटी हुई हैं। Post navigation Weather : उत्तराखंड में भारी बारिश, स्कूलों में छुट्टी, 107 सड़कें बंद FIFA World Cup : फ्रांस ने मोरक्को को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह