नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : क्यूबा और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच क्यूबा ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका राजनीतिक ढांचा और राष्ट्रपति का पद किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं हो सकता।
अमेरिकी पक्ष से यह संकेत मिल रहे थे कि वह क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिएज कैनेल को पद से हटाने की शर्त पर समझौता चाहता है।लेकिन क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने साफ शब्दों में कहा कि क्यूबा की राजनीतिक व्यवस्था और राष्ट्रपति का पद किसी भी हालत में बातचीत का विषय नहीं है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए तेल प्रतिबंध के कारण क्यूबा गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इसी बीच दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन अमेरिका की शर्तों ने तनाव को और बढ़ा दिया।
देश बाहरी दबाव के सामने नहीं झुकेगा
राष्ट्रपति मिगुएल डिएज कैनेल ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि क्यूबा किसी भी संभावित अमेरिकी आक्रामकता के लिए तैयार है और देश बाहरी दबाव के सामने झुकेगा नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी बाहरी हमला कड़े प्रतिरोध का सामना करेगा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। क्यूबा और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच क्यूबा ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका राजनीतिक ढांचा और राष्ट्रपति का पद किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं हो सकता।
अमेरिकी पक्ष से यह संकेत मिल रहे थे कि वह क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिएज कैनेल को पद से हटाने की शर्त पर समझौता चाहता है।लेकिन क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने साफ शब्दों में कहा कि क्यूबा की राजनीतिक व्यवस्था और राष्ट्रपति का पद किसी भी हालत में बातचीत का विषय नहीं है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए तेल प्रतिबंध के कारण क्यूबा गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इसी बीच दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हुई, लेकिन अमेरिका की शर्तों ने तनाव को और बढ़ा दिया।
देश बाहरी दबाव के सामने नहीं झुकेगा
राष्ट्रपति मिगुएल डिएज कैनेल ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि क्यूबा किसी भी संभावित अमेरिकी आक्रामकता के लिए तैयार है और देश बाहरी दबाव के सामने झुकेगा नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी बाहरी हमला कड़े प्रतिरोध का सामना करेगा।
इस कदम के बाद अमेरिका अपने दूतावास में कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा होता है, तो जवाब में वाशिंगटन में क्यूबा के दूतावास पर भी असर पड़ सकता है। तनाव के बीच अमेरिका की नजर क्यूबा में अपने प्रभाव को बढ़ाने पर है, जबकि क्यूबा अपनी संप्रभुता और राजनीतिक व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं दिख रहा।
