रायपुर, डिजिटल डेस्क : Chhattisgarh weather news : प्रदेश में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश इलाकों में सुबह से घना कोहरा छाया रहा और सर्द हवा ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी। शहर का न्यूनतम 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस वर्ष अब तक का सबसे कम तापमान है।
अहम बात यह है कि राजधानी में बीते 15 दिनों से पारा 11 से 13 डिग्री के बीच ही दर्ज किया गया। प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में चार से पांच डिग्री का ही उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।
उत्तर छत्तीसगढ़ से लेकर मध्य और दक्षिणी हिस्सों तक तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो पाकेट में शीतलहर चलने की संभावना है और न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बेमेतरा जिलों में आठ और नौ जनवरी को शीतलहर चल सकती है। लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सुबह से धुंध, सड़कों पर सन्नाटा
बुधवार की सुबह शहर में तापमान आठ डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जिससे जनजीवन सुस्त नजर आया। कई इलाकों में देर सुबह तक धुंध छाई रही। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए, दृश्यता प्रभावित रही।
स्कूल जाने वाले बच्चे, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और सुबह की सैर पर निकलने वाले लोग पूरी तरह ऊनी कपड़ों में लिपटे दिखे।
अम्बिकापुर सबसे ठंडा, 3.3 डिग्री पर पहुंचा पारा
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस अम्बिकापुर में दर्ज किया गया। जबकि अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रहा। पेंड्रारोड में न्यूनतम 7.6, दुर्ग में 8.0, जगदलपुर में 8.4 और माना एयरपोर्ट में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सरगुजा, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों में एक-दो पाकेट में शीतलहर का असर साफ नजर आया।
पेंड्रा-अमरकंटक में रिकार्ड ठंड, ओस जमने लगी
प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में पेंड्रा और अमरकंटक शामिल रहे, जहां न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई स्थानों पर ओस की बूंदें जम गईं। अमरकंटक में खेतों और घरों की छतों पर सफेद चादर जैसी परत नजर आई। ठंड के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग अलाव जलाकर तथा आग के सहारे खुद को गर्म करते दिखे।
