लखनऊ ,डॉ.जितेंद्र बाजपेयी : हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना होगी। राष्ट्रपति वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह अनुष्ठान करेंगी। कार्यक्रम में हजारों अतिथि, संत और श्रमिक शामिल होंगे तथा पूरे आयोजन को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हिंदू नववर्ष, प्रतिपदा के शुभ क्षण में आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एक नए इतिहास का साक्षी बनेगा, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना करेंगी। इस समारोह का साक्षी बनने के लिए करीब सात हजार मेहमान मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रपति का आगमन सुबह लगभग 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होगा। यहां से वह सड़क मार्ग से आद्य शंकराचार्य द्वार (गेट नंबर 11) के जरिये मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगी। अयोध्या में उनका प्रवास लगभग चार घंटे का रहेगा
मंदिर परिसर में प्रवेश के उपरांत राष्ट्रपति रामलला के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लेंगी
मंदिर परिसर में प्रवेश के उपरांत राष्ट्रपति रामलला के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लेंगी। फिर लिफ्ट से मंदिर के दूसरे तल पर पहुंचकर श्रीराम यंत्र की स्थापना और पूजन अनुष्ठान में सम्मिलित होंगी। इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ और तीन आचार्य उपस्थित रहेंगे।
श्रीराम यंत्र स्थापना के बाद राष्ट्रपति प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार का दर्शन-पूजन एवं आरती करेंगी। इसके बाद वह सप्तमंडपम में स्थापित महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज के मंदिरों में दर्शन करेंगी। इस क्रम को सामाजिक समरसता और वंचित वर्गों के सम्मान के प्रतीक के रूप में एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
यहां से राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी, जहां समारोह का संचालन राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत गोविंद देव गिरि के स्वागत भाषण से होगी, इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संबोधित करेंगे। फिर केरल की धर्मगुरु माता अमृतानंदमयी और दत्तात्रेय होसबोले अपने विचार रखेंगे। अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन होगा। वह दोपहर तीन बजे तक मंदिर परिसर में रहेंगी और 3:15 बजे हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को भव्य बनाएगी योगी सरकार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अयोध्या आगमन को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रपति 19 मार्च को हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन वह रामनगरी पहुंचेंगी। यहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी।
साथ ही वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह दौरा राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा, क्योंकि राम यंत्र की स्थापना मंदिर के द्वितीय तल पर होगी, जो आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तिगत निर्देशन में अयोध्या को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने का व्यापक अभियान चल रहा है। नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग मिलकर दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं को भी कोई असुविधा न हो।
अयोध्या को स्वच्छ और सुंदर बनाने का संकल्प अब और मजबूत हो गया है, क्योंकि यह दौरा केवल एक आधिकारिक यात्रा नहीं, बल्कि हिंदू नववर्ष के उत्सव और राम मंदिर की पूर्णता का प्रतीक बन रहा है। अयोध्या नगर निगम ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित मार्गों, राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, सरयू घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण अभियान छेड़ा है।
अभिजीत मुहूर्त में 11:55 बजे होगी श्रीराम यंत्र की स्थापना
- श्रीराम यंत्र की स्थापना हिंदू नववर्ष के पहले दिन 19 मार्च को अभिजीत मुहूर्त में सुबह ठीक 11:55 बजे होगी।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी।
- राम मंदिर के यज्ञमंडप में अभिषेक-पूजन कर श्रीराम यंत्र दूसरे तल पर पहुंचाया गया।
- 19 मार्च को हिंदू नववर्ष का शुभारंभ होगा, श्रीराम यंत्र की स्थापना फलदायी होगी।
- नव संवत्सर का भी आज शुभारंभ हो रहा है। इस वर्ष के राजा देव गुरु बृहस्पति व मंत्री मंगल हैं।
- नया वर्ष समृद्धि और सकारात्मक परिवर्तन का वर्ष होगा, आध्यात्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
