लखनऊ, संवाददाता : रेलवे अधिकारी के घर सीबीआई छापे में 7.50 लाख रुपये नकद मिले। एटीवीएम रिन्यूवल के बदले घूस मांगने का आरोप है। अधिकारी रकम के स्रोत नहीं बता सके। संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हो सकता है।
ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) के रिनीवल का अनुमति पत्र देने के बदले रिटायर्ड टीटीई से 50 हजार रुपये की घूस मांगने वाले नार्दन रेलवे के असिस्टेंट कमर्शियल मैनेजर विनीत कटियार के आवास पर छापे के दौरान सीबीआई को अलग-अलग लिफाफों में 7.50 लाख रुपये की नगदी मिली थी। जांच में सामने आया है कि एटीवीएम के रिनीवल आदि के कार्यों में तमाम शिकायतों के बाद उसे हटाया गया था। इसके बावजूद वह वेंडर पर दबाव बना रहा था।
सीबीआई ने सोमवार को विनीत कटियार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद वृंदावन योजना स्थित आवास पर छापा मारकर अहम सुबूत जुटाए थे। उसकी अलमारी में कई लिफाफों में मिली 7.50 लाख रुपये की नगदी के बारे में जब अधिकारियों ने पूछताछ की तो वह इसका सही स्रोत नहीं बता सके।
वहीं, कई संपत्तियों के दस्तावेज मिलने पर उनकी जांच के बाद आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की अलग एफआईआर दर्ज की जाएगी। बता दें कि हजरतगंज स्थित नार्दन रेलवे के मुख्यालय पर सीबीआई ने बीते एक वर्ष के दौरान तीसरी बार सीबीआई छापा मारा है। तीनों ही मामलों में रेलवे के अधिकारियों के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था।
अफसर का दावा, नहीं मांगी घूस
वहीं दूसरी ओर एसीएम विनीत कटियार ने दावा किया है कि उनके खिलाफ बदले की भावना से शिकायत की गई है। उन्होंने रिटायर्ड टीटीई विनोद कुमार सिंह की वाराणसी जंक्शन की एवीटीएम मशीन को टर्मिनेट करने की संस्तुति की थी। वर्तमान में एवीटीएम का कार्य उनके पास नहीं, सहायक वाणिज्य प्रबंधक (एसीएम) सिद्धार्थ शंकर के अधीन है।
