वाराणसी ,संवाददाता : Varanasi News: कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक को एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। 31 जुलाई को उसे सेवानिवृत्त होना था। कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक (क्लर्क) अब्दुल रहमान अंसारी को एंटी करप्शन संगठन की टीम ने शुक्रवार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उसने गुंडा एक्ट रजिस्टर से नाम हटाने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगी थी। सेवानिवृत्ति से महज 13 दिन पहले हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पूछताछ में सामने आया कि उसने करीब 20 वर्ष पहले सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी, जिसके बाद पुलिस विभाग में शामिल हुआ। सदर बाजार निवासी सारिक शाह का नाम गुंडा एक्ट रजिस्टर से हटाने के लिए कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक अब्दुल रहमान अंसारी ने 20 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एंटी करप्शन संगठन को दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद संगठन ने ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता ने लिफाफे में रखे 20 हजार रुपये दिए योजना के तहत आरोपी ने शिकायतकर्ता को कैंट थाना क्षेत्र स्थित जेएचवी मॉल के पास बुलाया। दोनों एक चाय की दुकान पर बैठे, जहां शिकायतकर्ता ने पहले से तैयार लिफाफे में रखे 20 हजार रुपये उसे सौंप दिए। जैसे ही आरोपी ने रकम अपने कब्जे में ली, पहले से सादी वर्दी में तैनात एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने तत्काल उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी को लालपुर-पांडेयपुर थाने ले गई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। अब्दुल रहमान अंसारी मूल रूप से जौनपुर जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र के नरहन गांव का निवासी है। कहा जाता है कि उसने करीब 20 वर्ष पहले सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली थी, जिसके बाद पुलिस विभाग में शामिल हुआ। वर्ष 2006 से वह कैंट थाने में उर्दू अनुवादक (क्लर्क) के पद पर तैनात था। उसकी सेवानिवृत्ति 31 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। रिटायरमेंट से ठीक 13 दिन पहले रिश्वत लेते गिरफ्तार होने की घटना पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है। इन दिनों वह लंबित अभिलेखों और विभिन्न रिपोर्टों के निस्तारण का कार्य देख रहा था। एंटी करप्शन संगठन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति से इसी तरह अवैध वसूली की थी या नहीं। यदि जांच में ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो उसके खिलाफ अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है। Post navigation Weather : UP में आने वाले 5 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी UP : स्कूली बच्चों को बनाया बंधक, 2 बदमाश एनकाउंटर में ढेर