हाल ही में एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में हार के बाद पहली बार रोहित शर्मा ने अपने प्रशंसकों से अपने दिल की बात साझा की है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि फाइनल में हार की निराशा से वह कभी उबर सकेंगे या नहीं। लेकिन अब प्रशंसको के प्यार और समझदारी ने उन्हें एक बार फिर शिखर पर पहुंचने का प्रयास करने के लिए प्रेरित किया है।
शिखर पर संशय
रोहित ने यह नहीं बताया कि वह किस शिखर की बात कर रहे हैं लेकिन समझा जाता है कि वह अगले साल अमेरिका और वेस्टइंडीज में होने वाले टी-20 विश्व कप में भारत की कप्तानी के बारे में सोच रहे हैं।
फाइनल तक रोहित के लिए बतौर बल्लेबाज और कप्तान विश्व कप का सफर शानदार रहा लेकिन 19 नवंबर को फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया। फाइनल की हार के बाद रोहित मैदान से निकले तो उनकी आंखें भरी हुई थीं। वह दर्द को भुलाने ब्रेक पर इंग्लैंड चले गए थे।
लोगों की समझ अहम
उन्होंने कहा, लोग जब समझते हैं कि खिलाड़ियों पर क्या बीत रही होगी और वे अपनी हताशा या गुस्सा नहीं निकालते हैं तो यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। मेरे लिए तो इसके बहुत मायने हैं क्योंकि लोगों में गुस्सा नहीं था। उन्हें भी क्रिकेट से प्यार है वे अपने देश के खिलाड़ियों का बहुत सम्मान करते हैं।
लोग जब भी हमसे मिले, उन्होंने प्यार ही बरसाया। उन्होंने कहा, इससे वापसी करने और नए सिरे से आगाज करने की प्रेरणा मिली। एक बार फिर शिखर पर पहुंचने की कोशिश करनी है। पूरे विश्व कप में हमें दर्शकों का जबर्दस्त समर्थन मिला। मैदान में और जो घरों में देख रहे थे, उनसे भी। मैं इसकी सराहना करता हूं पर जितना विश्व कप के बारे में सोचता हूं, दुख होता है कि जीत नहीं सके।
कप्तान रोहित शर्मा ने कहा
कि, मैं 50 ओवरों का विश्व कप देखकर बड़ा हुआ। मेरे लिए यह सबसे बड़ा इनाम है। हमने इसके लिए कितनी मेहनत की और नहीं जीत पाने पर निराशा तो होगी ही। कई बार हताशा भी होती है क्योंकि जिसके लिए मेहनत कर रहे थे, जिसका सपना देख रहे थे, वह नहीं मिला।
