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काशी ,संवाददाता :सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी के बड़े भाई का निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार आज काशी में किया जाएगा। निधन की सूचना से परिवार और करीबियों में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परिजनों और शुभचिंतकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी के बड़े भाई साधु शरण तिवारी का शनिवार को निधन हो गया। उन्होंने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में दोपहर 1.15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मनोज तिवारी ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से सार्वजनिक की। परिवार में उन्हें प्यार से ‘साधु भैया’ कहकर पुकारा जाता था।

साधु शरण तिवारी अपने चार भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। उनका अंतिम संस्कार रविवार को काशी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर किया जाएगा। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आईआईटी बीएचयू से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की।

साधु शरण तिवारी ने तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं

साधु शरण तिवारी ने तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। उन्होंने कोलकाता, असम के नाजीरा-शिवसागर और मुंबई जैसे विभिन्न स्थानों पर कार्य किया। अपनी समर्पित सेवा के बाद, वह महाप्रबंधक (जीएम) के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के उपरांत वह वाराणसी के चितईपुर स्थित अपने आवास पर रह रहे थे।

परिवार के अभिभावक और प्रेरणास्रोत
मनोज तिवारी ने अपने बड़े भाई को परिवार का अभिभावक बताया। उन्होंने लिखा कि साधु शरण तिवारी उनके लिए ईश्वर के समान थे। मनोज तिवारी के गायन कॅरिअर को दिशा देने में उनका अहम योगदान रहा। उन्होंने मनोज तिवारी को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साधु शरण तिवारी ने उन्हें सफलता की सीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पेशेवर जीवन और योगदान

साधु शरण तिवारी ने आईआईटी बीएचयू से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ओएनजीसी में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया। कोलकाता, असम के नाजीरा-शिवसागर और मुंबई जैसे शहरों में उनकी तैनाती रही। अपने अनुभव और विशेषज्ञता से उन्होंने संस्थान में महाप्रबंधक का पद प्राप्त किया। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने वाराणसी को अपना स्थायी निवास बनाया।

अंतिम मुलाकात और मनोज तिवारी की भावनाएं
मनोज तिवारी ने अपने बड़े भाई के साथ अपनी अंतिम मुलाकात को याद किया। उन्होंने बताया कि साधु शरण तिवारी का स्वभाव हर मुलाकात में कुछ समझाने का था। अपनी अंतिम भेंट में साधु शरण तिवारी ने मनोज तिवारी को एक कविता सुनाई थी। मनोज तिवारी को उस समय यह आभास नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में इस दुखद क्षण को साझा किया। यह उनके लिए एक गहरा व्यक्तिगत नुकसान है।