कानपुर, संवाददाता : कानपुर मेें वक्फ की संपत्ति पर कब्जे के मामले में आरोपी अखिलेश दुबे, उसके भाई सर्वेश दुबे, बेटी सौम्या दुबे और अखिलेश के साथी राजकुमार शुक्ला की याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दी हैं। वक्फ की संपत्ति पर कब्जे, धमकाने, धोखाधड़ी व कूटरचना के आरोप में ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसी रिपोर्ट को निरस्त कराने के लिए चारों ने अलग-अलग याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल की थीं। याचिका में मामले को एक दीवानी विवाद बताया गया था। पुलिस कमिश्नर के कहने पर गलत तरीके से मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही गई थी। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की दो सदस्यीय खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि बहुत गंभीर आरोप हैं और इसके समर्थन में कई साक्ष्य भी पत्रावली में मौजूद हैं। पुलिस कमिश्नर पर लगाया गया आरोप महत्वहीन है। सूचना देने वाले को धमकियां मिल रही हैं, नीलामी खरीदारों को पावर ऑफ अटॉर्नी पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया गया है। सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरी जांच जरूरी है इसलिए सभी याचिकाएं खारिज की जाती हैं। Post navigation America Plane Crash : राहत सामग्री ले जा रहा प्लेन हुआ क्रैश Delhi blast पर नया खुलासा, मसूद अजहर की बहन के संपर्क में थी शाहीन