झाँसी, संवाददाता : सट्टा खिलवाने के आरोप में पकड़ा गया हरेंद्र परिहार, विजय परिहार एवं नीरज निरंजन तीनों भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें लगाकर पूरे शहर में होर्डिंग के जरिये अपना रौब जमाते थे। हरेंद्र परिहार को पद भी मिल गया था, इसका भी आरोपी फायदा उठाते थे।
भाजपा के प्रेमनगर मंडल का उपाध्यक्ष हरेंद्र परिहार सट्टा गिरोह का मास्टर माइंड निकला। उसके गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने उसे दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं। उसके साथ प्रेमनगर के अठोंदना रोड निवासी दिलीप सिंह उर्फ विजय परिहार एवं नीरज निरंजन उर्फ नीरज भी पकड़े गए। पुलिस ने इनके बैंक खातों मेें जमा 25 लाख रुपये से अधिक की रकम भी फ्रीज की है।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया प्रेमनगर पुलिस को ऑनलाइन सट्टा खिलवाने वाले गैंग का पता चला। सुराग लगाने पर आरोपियों को नगरा हाट मैदान से गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी बृजेंद्र राजपूत ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट की मदद से गिरोह चला रहा था। इनकी आईडी पर कुल 2.07 लाख रुपये के क्वाइन मिले।
हरेंद्र के बैंक खाते में एक लाख रुपये से अधिक सट्टा की रकम मिली
हरेंद्र के बैंक खाते में एक लाख रुपये से अधिक सट्टा की रकम मिली। पूछताछ में उसने बताया कि अपने परिचित एवं रिश्तेदारों के खातों में भी वह रकम जमा करता था। उसके दो खातों में मौजूद 1.14 लाख रुपये पुलिस ने फ्रीज करा दिया। इसके साथ पुलिस ने एसबीआई खाते में 12.55 लाख रुपये, एक्सिस बैंक खाते में 11.80 लाख रुपये और एचडीएफसी बैंक खाते में 1.14 लाख रुपये फ्रीज कराए।
दिलीप सिंह उर्फ विजय परिहार एवं नीरज निरंजन के खिलाफ भी पुलिस को पहले से दर्ज मामले मिले हैं। अब पुलिस इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट समेत संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी है। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया। पुलिस टीम में तुलसीराम पांडेय, प्रमोद कुमार, रविकांत शुक्ला, ललित समेत अन्य शामिल रहे।
बड़े-बड़े नेताओं के साथ फोटो लगाकर जमाता था रौब
सट्टा खिलवाने के आरोप में पकड़ा गया हरेंद्र परिहार, विजय परिहार एवं नीरज निरंजन तीनों भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें लगाकर पूरे शहर में होर्डिंग के जरिये अपना रौब जमाते थे। हरेंद्र परिहार को पद भी मिल गया था, इसका भी आरोपी फायदा उठाते थे। कुछ दिनों पहले ही भाजपा नेता के जन्मदिन पर पूरे शहर में इन लोगों ने होर्डिंग लगवाई थीं। हालांकि इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद इनसे मिलने कोई भी भाजपा नेता नहीं पहुंचा।
