नई दिल्ली, एजेंसी : Bangladesh Plane Crash : सोमवार को पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर उस वक्त दौड़ गई, जब एयरफोर्स का एफ-7बीजीआई फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण उत्तरा के दिआबारी में मिलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज पर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में कई स्कूली बच्चों की जान चली गई। बच्चे सपनों के साथ स्कूल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह उनका आखिरी दिन होगा। पूरे देश में गम और आंसुओं का माहौल छा गया. स्कूल का दिन एक सामान्य तरीके से चल रहा था, लेकिन वह पल अचानक भयानक त्रासदी में बदल गया। कुछ ही क्षणों में कक्षाओं में आग, घना धुआं और बच्चों की चीख-पुकार फैल गई. निचली कक्षाओं के कई छात्रों ने उस क्षण को जागती आंखों का एक डरावना सपना बताया, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। भीषण विस्फोट ने पूरे स्कूल परिसर को हिला दिया सोमवार की सुबह बच्चों के लिए कुछ अलग नहीं थी. बच्चे अपनी कक्षाओं में शांत बैठे थे, किताबों में डूबे हुए, और उनके माता-पिता उनके लौटने का इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन 21 जुलाई को बच्चों के लिए अंतिम घंटी नहीं बजी. क्लास खत्म होने में बस दस मिनट बाकी थे, तभी भीषण विस्फोट ने पूरे स्कूल परिसर को हिला कर रख दिया. लड़ाकू विमान सीधे उस इमारत से टकराया जिसे छात्र “प्रोजेक्ट-2” बिल्डिंग कहते थे. यह दो-मंज़िला भवन था, जिसमें 16 क्लासरूम और 4 शिक्षकों के कमरे थे। सब राख में बदल गया एक ही पल मेंजब विमान टकराया, तब तीसरी और चौथी कक्षा के छात्र पढ़ाई कर रहे थे. चश्मदीदों ने बताया कि आसमान धुएं और आग की लपटों से भर गया। फिर ऐसा भीषण धमाका हुआ जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए, और कई शरीर झुलस गए, अंग बिखर गए। कई छात्र घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। कोई बैग समेट रहा था, तो कोई खिड़की के पास बैठकर विश्वविद्यालय और माता-पिता के सपने को सच करने का सपना देख रहा था, लेकिन अगले ही पल, सब राख में बदल गया। Post navigation New Delhi : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा आईसीडीएस की 50वीं वर्षगाँठ पर ‘बचपन का त्यौहार’ का किया आयोजन