नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : पाकिस्तान का शातिराना खेल एक बार फिर सामने आ गया है। इस बार ये खेल क्रिप्टो करंसी के जरिये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का खास बनने के लिए किया गया, जिसमें पाकिस्तान के करोड़ों डॉलर लुटाने की योजना तैयार की गई। इस खेल में पाकिस्तान के हुक्मरान पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर विशेष रूप से शामिल रहे। दोनों ने अमेरिका के साथ संबंधों को बेहतर बनाने और खास तौर पर ट्रंप के ‘किचन कैबिनेट’ में शामिल होने के लिए ट्रंप की क्रिप्टो कंपनी के साथ समझौता किया। हालांकि, ये समझौता धरातल पर नहीं उतर सका, लेकिन पीएम और सेना प्रमुख ने अपना असली मकसद साध लिया। समझौते के पीछे कूटनीतिक दांव की चर्चा अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के परिवार की क्रिप्टो कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल (डब्ल्यूएलएफ) के साथ पाकिस्तान का समझौता भले ही अभी व्यावहारिक रूप नहीं ले सका हो, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इससे इस्लामाबाद को ट्रंप प्रशासन तक सीधी पहुंच बनाने में बड़ी सफलता मिली है। दूसरी ओर, ट्रंप परिवार को इसी कंपनी के टोकन बिक्री कारोबार से पिछले वर्ष 50 करोड़ डालर से अधिक की कमाई हुई है। 30 जून को, उन्होंने अमेरिकी आफिस आफ गवर्नमेंट एथिक्स में जमा की गई सालाना जानकारी में बताया कि 2025 में उनके परिवार के क्रिप्टोकरंसी से जुड़े कारोबार से उन्हें 1.4 अरब डालर से ज़्यादा की कमाई हुई। इस वर्ष जनवरी में पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने डब्ल्यूएलएफ से संबद्ध एससी फाइनेंशियल टेक्नोलाजीज के साथ डालर आधारित यूएसडी1 स्टेबलक्वाइन को सीमा पार भुगतान में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे इस वर्ष जनवरी में पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने डब्ल्यूएलएफ से संबद्ध एससी फाइनेंशियल टेक्नोलाजीज के साथ डालर आधारित यूएसडी1 स्टेबलक्वाइन को सीमा पार भुगतान में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और ट्रंप के करीबी सहयोगी स्टीव विटकाफ के बेटे जैक विटकाफ भी मौजूद थे। दूसरी ओर, ट्रंप परिवार को इसी कंपनी के टोकन बिक्री कारोबार से पिछले वर्ष 50 करोड़ डालर से अधिक की कमाई हुई है। 30 जून को, उन्होंने अमेरिकी आफिस आफ गवर्नमेंट एथिक्स में जमा की गई सालाना जानकारी में बताया कि 2025 में उनके परिवार के क्रिप्टोकरंसी से जुड़े कारोबार से उन्हें 1.4 अरब डालर से ज़्यादा की कमाई हुई। इस वर्ष जनवरी में पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने डब्ल्यूएलएफ से संबद्ध एससी फाइनेंशियल टेक्नोलाजीज के साथ डालर आधारित यूएसडी1 स्टेबलक्वाइन को सीमा पार भुगतान में इस्तेमाल करने की संभावनाओं पर सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और ट्रंप के करीबी सहयोगी स्टीव विटकाफ के बेटे जैक विटकाफ भी मौजूद थे। ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान भी पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की। पिछले महीने स्विट्जरलैंड में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी आसिम मुनीर की भूमिका की सार्वजनिक सराहना की थी। कराची के अर्थशास्त्री खुर्रम हुसैन का कहना है कि यह समझौता आर्थिक से अधिक कूटनीतिक था। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य ट्रंप प्रशासन तक पहुंच बनाना था और उस लिहाज से पाकिस्तान की रणनीति सफल रही। अन्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यह पूरा प्रयास “पे फार एक्सेस” यानी प्रभावशाली राजनीतिक पहुंच हासिल करने की रणनीति का हिस्सा था, जबकि क्रिप्टो परियोजना फिलहाल केवल कागजों तक ही सीमित है। Post navigation PAK: खैबर पख्तूनख्वा में खाई में गिरी बस, 40 यात्रियों की मौत नासा टेलीस्कोप को बचाने के लिए शुरू किया गया मिशन