कोलंबो, श्रीलंका: श्रीलंका की एक अदालत ने शुक्रवार को कोलंबो के विहारमहादेवी पार्क में प्रदर्शन कर रहे बौद्ध भिक्षुओं को परिसर खाली करने का आदेश दिया। प्रदर्शनकारी कट्टरपंथी बौद्ध भिक्षु गलागोदात्ते ज्ञानसारा थेरो की रिहाई की मांग कर रहे हैं। बोडु बाला सेना के प्रमुख रहे ज्ञानसारा को इस महीने फिर जेल भेज दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में मिली राष्ट्रपति की क्षमादान को रद करते हुए उन्हें छह साल की सजा का शेष हिस्सा काटने का आदेश दिया। उन्हें 2018 में एक लापता पत्रकार की पत्नी को डराने-धमकाने के मामले में दोषी ठहराया गया था। प्रदर्शनकारी भिक्षु 17 अक्टूबर से पार्क में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने अदालत से प्रदर्शन पर रोक लगाने वाले आदेश को पलटने की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आदेश वापस लेने से अशांति फैलाने वाले तत्वों को प्रोत्साहन मिल सकता है। प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके से ज्ञानसारा को क्षमादान देने की मांग कर रहे हैं। Post navigation सलाखों के पीछे श्रद्धा और बहन रश्मि की पहली रात, करवटें बदलते बीती रात वेस्ट बैंक में इजरायली सैन्य ठिकाने पर हमला, दो सैनिक मरे