सोने-चांदी से उठा लोगों का विश्वास ? ग्लोबल मार्केट से गायब हुए 2 ट्रिलियन डॉलर

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नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : 23 मार्च 2026 को ग्लोबल मार्केट के सबसे सेफ निवेश सोने और चांदी से तीन घंटे की उथल-पुथल वाली ट्रेडिंग और कीमती मेटल्स की मार्केट वैल्यू से लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर गायब हो गई। जिसने सभी को हैरान कर दिया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और भारी लीवरेज्ड पोजीशन में मार्जिन कॉल के कारण हुआ।

यह लिक्विडिटी शॉक है, जहां सुरक्षित संपत्ति मानी जाने वाली धातुएं इक्विटी के साथ गिरीं, जो एक दुर्लभ और ऐतिहासिक गिरावट है। ट्रेडर एडम कोबिसी की रिसर्च फर्म द कोबिसी लेटर ने ऐसा कभी न होने वाली तनाव की घटना करार दिया। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बावजूद, जहां तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।

बांड मार्केट ने बिगाड़ा खेल

इसका मुख्य वजह अमेरिकी 10 साल के ट्रेजरी नोट की यील्ड में तेज उछाल है। कुछ हफ्तों में यह 4.4% के करीब पहुंच गई। बड़े निवेशकों के लिए समीकरण बदल गया। शून्य यील्ड वाला सोना क्यों रखें, जब ट्रेजरी पेपर अच्छा रिटर्न दे रहा है? बढ़ती यील्ड ने सोने-चांदी से पूंजी खींच ली और इसे अल्टीमेट हेज से बदलकर एक ओवरक्राउडेड ट्रेड बना दिया।

युद्ध बढ़ने के साथ ग्रीनबैक ने फिर से सेफ हेवन का ताज हासिल कर लिया। मजबूत डॉलर ने डॉलर-प्राइस्ड मेटल्स पर दबाव बढ़ाया और निवेशकों को ज्यादा लिक्विड, साफ-सुथरा विकल्प दिया। जिससे सोना अब क्राइसिस हेज की बजाय हाई बीटा रिस्क एसेट की तरह व्यवहार कर रहा है। इक्विटी के साथ चल रहा है।

लिवरेज और इलिक्विडिटी ने बनाया तमाशा

महीनों की बढ़त के बाद सोना-चांदी में फ्यूचर्स, ऑप्शंस और टर्बोचार्ज्ड प्रोडक्ट्स लिवरेज भरा पड़ा था। कीमतें क्रैक होने पर लॉस ट्रिगर हुए, मार्जिन कॉल आए, मार्जिन रिक्वायरमेंट बढ़ी और नीचे की तरफ लिक्विडिटी गायब हो गई। कोबिसी इसे पॉकेट्स ऑफ इलिक्विडिटी कह रहे हैं। जहां बिड्स अचानक गायब हो जाते हैं और कीमतें सेकंडों में फर्श पर गिर जाती हैं।

बेंगलुरु के ट्रेडर ने बताया कि डेटा साफ दिखा रहा है। यह ऐतिहासिक लिक्विडिटी इवेंट है। 2 ट्रिलियन डॉलर का वाइपआउट कोई रहस्य नहीं, बल्कि मार्जिन कॉल है।

10 साल की यील्ड 4.40% के डेथ जोन में पहुंची और तीन हफ्तों में 45 बेसिस पॉइंट्स चढ़ी। हायर फॉर लॉन्गर अब थ्योरी नहीं, हिंसक हकीकत बन गया है। सोना-चांदी को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि घायल इक्विटी और तेल पोजीशंस कवर हो सकें।

भारत में भी दिखा असर

भारतीय बाजारों में भी यही तस्वीर दिखी। दोपहर 12:15 बजे एमसीएक्स आईकॉमडेक्स बेस मेटल इंडेक्स 1.68% नीचे था। अप्रैल 2026 गोल्ड फ्यूचर्स 8.11% गिरकर 1,32,767 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचे, जबकि मई 2026 सिल्वर 10.72% टूटकर 2,02,465 रुपये प्रति किलो पर आ गया। कॉपर 2.76% नीचे था, जिंक भी लुढ़का और गोल्ड ETFs में 6-9% तक की गिरावट आई।

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