ग़ाज़ीपुर ,संवाददाता :Ghazipur News: जिले में इस मामले के बाद प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग सतर्क नजर आ रहे हैं।
गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में बुधवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब समाजवादी पार्टी (सपा) का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। ग्रामीणों ने सपा नेताओं को गांव के बाहर ही रोक दिया और अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में सपा नेता और कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए, जिससे माहौल और अधिक गर्म हो गया।
कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया और स्थिति पथराव तक पहुंच गई। इस झड़प में पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, सत्या यादव, बिंदु बाला, करंडा थाना प्रभारी संतोष पाठक और शहर कोतवाल महेंद्र सिंह समेत कुल आठ लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
मची अफरातफरी
यह पूरा मामला 15 अप्रैल को 16 वर्षीय किशोरी निशा विश्वकर्मा के शव मिलने से जुड़ा है। उसका शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था। पुलिस जांच में यह मामला हत्या का निकला, जिसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल बना हुआ था।
इसी बीच, सपा प्रतिनिधिमंडल के गांव पहुंचने से स्थिति और बिगड़ गई। ग्रामीणों का कहना था कि बाहरी लोगों के हस्तक्षेप से माहौल खराब हो सकता है, इसलिए उन्होंने नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। वहीं, सपा कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने और न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। डॉ. राकेश कुमार मिश्रा (अपर पुलिस अधीक्षक सिटी) ने बताया कि गांव में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
