अलीगढ, संवाददाता : जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण के विरोध में शुक्रवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर रहे सपाइयों की प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने से रोकने पर पुलिस से भिड़ंत हो गई। इससे आक्रोशित सपाइयों ने थाना सिविल लाइन इंस्पेक्टर सतवीर सिंह को मौके से दौड़ा दिया। हालात बेकाबू होते देख इंस्पेक्टर ने अपनी सर्विस पिस्टल होल्स्टर से निकाल कर हाथ में ले ली। उप निरीक्षक विनोद कुमार की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में सात नामजद और 40 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सपा नेता गोपाल को गिरफ्तार कर लिया गया। जिला उपाध्यक्ष जैकी ठाकुर को पूछताछ के लिए पुलिस थाने ले गई तो सपाई उन्हें छुड़ा ले गए। शुक्रवार को सपा नेता पहले बाइकों से कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर गेट नंबर-2 के सामने सड़क के दूसरी ओर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। यहां जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सपा नेताओं की मांग थी कि यूनिवर्सिटी ध्वस्त करने का आदेश वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान दोपहर एक बजे कुछ सपा नेताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की जिससे सपाई भड़क गए। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों को खदेड़ना शुरू कर दिया विरोध के दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। भीड़ को अपनी तरफ आते देख थाना सिविल लाइन इंस्पेक्टर सतवीर ने अपनी सर्विस पिस्टल होल्स्टर से बाहर निकाल कर हाथ में ले ली। बीच सड़क पर हुई इस नोकझोंक और हंगामे के बाद मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी बुलाई गई। इसके बाद बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। प्रदर्शन के अंत में सपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम द्वितीय को सौंपा। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि पुलिस कर्मी कानून व्यवस्था में लगे थे। दोपहर करीब एक बजे कलक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुतला दहन का प्रयास किया गया। प्रभारी निरीक्षक ने इसको रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्य में बाधा पैदा की। रास्ता रोकने का प्रयास किया। इस पर थाना सिविल लाइन के उप निरीक्षक विनोद कुमार की तहरीर पर सपा जिला उपाध्यक्ष जैकी ठाकुर, छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष मोहसिन मेवाती, अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय सचिव सादाब जैदी, गोपाल सैनी, बाबू खां, सूफियान, सौरव वाल्मीकि समेत सात लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है। सपा नेता गोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। नामजद अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मैं और मेरे अन्य सहयोगी पुलिस कर्मी प्रदर्शनकारियों को समझा रहे थे। इस दौरान कुछ लोग पीछे दौड़ने लगे। मुझे लगा कि कहीं यह लोग पिस्टल को टारगेट न करें इसीलिए मैंने उसे हाथ में लेकर सुरक्षित किया। – सतवीर, इंस्पेक्टर सिविल लाइन इन आरोप में केस दर्ज बलवा और दंगा करना, जिससे शांति व्यवस्था भंग होना– गैर कानूनी रूप से सभा करना– लोक सेवक को कर्तव्य पालन करने से रोकना– सार्वजनिक रास्ते को जाम करना, बाधा पैदा करना– इस प्रकार जल्दीबाजी करना जिससे दूसरे की जान को खतरा होना– जानबूझकर अपमान करना जिससे सामने वाला शांतिभंग करे– प्रतिष्ठा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना पिस्टल लहराई तो कार्यकर्ताओं में अफरा तफरी फैली : सपा जिलाध्यक्षसपा नेताओं ने पुलिस पर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई और पिस्टल लहराने के आरोप लगाए हैं। सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर ने कहा कि धरना शांतिपूर्वक चल रहा था। कोई पुतला फूंकने की तैयारी नहीं थी। पुलिस ने पिस्टल लहराई तो कार्यकर्ताओं में अफरा तफरी फैल गई। इसके बाद ही सारा घटनाक्रम हुआ।कुछ अन्य नेताओं ने दावा किया कि घटना से दो दिन पूर्व समाजवादी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के लिए पुलिस पर दबाव बनाए जाने से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दावा है कि इसी ऑडियो के बाद पुलिस ने प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की और ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान महानगर अध्यक्ष मोहसिन मेवाती को तलाश कर हिरासत में लेने का प्रयास किया। महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी की अपील पर कार्यकर्ताओं ने शांति बनाकर ज्ञापन सौंपा। – सपा का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था लेकिन पुलिस प्रशासन ने प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करते हुए माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया। पुलिस का अभद्र व्यवहार और बल प्रयोग निंदनीय है। हम इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हैं ताकि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। – मोहसिन मेवाती, महानगर अध्यक्ष, समाजवादी छात्र सभा Post navigation अतीक अहमद और अशरफ की 345 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त, जल्द होगा ध्वस्तीकरण