नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : स्पेन के बाद इटली ने भी ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष में अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो ने यह निर्णय तब लिया जब जानकारी मिली कि कुछ अमेरिकी बमवर्षक विमान पश्चिम एशिया की ओर जाते समय सिसिली स्थित सिगोनेला नौसेना एयर बेस पर उतरना चाहते हैं।
इतालवी समाचारपत्र ला रिपब्लिका के अनुसार, इस उपयोग के लिए न तो औपचारिक अनुमति मांगी गई और न ही इतालवी सैन्य अधिकारियों से पूर्व परामर्श किया गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि संबंधित सूचना तब जारी हुई जब विमान पहले ही मार्ग में थे। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि ये उड़ानें सामान्य या केवल लाजिस्टिकल प्रकृति की नहीं थीं, इसलिए वे इटली-अमेरिका सैन्य समझौते के दायरे में नहीं आतीं।
मेलोनी का युद्ध में शामिल होने से साफ इनकार
बता दें कि इससे एक दिन पहले स्पेन ने भी अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार किया था। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने आरटीएल रेडियो से कहा, ‘हम युद्ध में नहीं हैं और न ही इसमें शामिल होना चाहते हैं।’
ऑनलाइन पोर्टल पोलिटिको के अनुसार, रक्षा मंत्री क्रोसेट्टो ने संसद में स्वीकार किया कि ईरान पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के विपरीत माना जा रहा है और यूरोपीय सहयोगी इस स्थिति में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं।
इटली सरकार ने दोहराया कि द्विपक्षीय समझौते के तहत सिगोनेला एयर बेस का उपयोग केवल तकनीकी और लॉजिस्टिकल सहायता तक सीमित है।
मेलोनी ने स्पष्ट किया कि किसी सैन्य हमले के लिए इटली की जमीन या सैन्य अड्डे के इस्तेमाल से पहले सरकार की स्पष्ट मंजूरी अनिवार्य है, जबकि इस मामले में ऐसा कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया।
फ्रांस ने इजरायल के लिए बंद किया हवाई स्पेस
फ्रांस ने ईरान के खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल के लिए अमेरिका से इजरायल भेजे जा रहे हथियारों वाले विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
रॉयटर्स के अनुसार, दो सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सप्ताहांत में लिया गया यह फैसला मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार है, जब फ्रांस ने ऐसी अनुमति रोकी है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय और विदेश मंत्रालय ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
