गोरखपुर , संवाददाता :पंकज यादव एक दुर्दांत अपराधी था, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह माफिया मुख्तार अंसारी का शूटर था और पूर्वांचल में कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा। सात अगस्त 2024 को जनपद मथुरा में पुलिस के साथ हुई एक साहसिक मुठभेड़ में वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति की ओर से अपर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार, पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश शाही, निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह और उप निरीक्षक यशवंत सिंह को गैलेंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान कुख्यात अपराधी पंकज यादव के खिलाफ साहसिक और प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदान किया गया है।
पंकज यादव एक दुर्दांत अपराधी था, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह माफिया मुख्तार अंसारी का शूटर था और पूर्वांचल में कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा। सात अगस्त 2024 को जनपद मथुरा में पुलिस के साथ हुई एक साहसिक मुठभेड़ में वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी, पंकज यादव ने मुन्ना सिंह हत्याकांड में योजना और क्रियान्वयन में भूमिका निभाई थी
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पंकज यादव ने मुन्ना सिंह हत्याकांड में योजना और क्रियान्वयन में भूमिका निभाई थी। इसी मामले में उसने मुख्य गवाह और उसकी सुरक्षा में तैनात सिपाही की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। गोरखपुर जेल में बंद रहने के बावजूद वह अपने शूटरों के जरिये लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिलवाता रहा।
वहीं गोरखपुर के बैंक रोड पर व्यापारी अभिषेक अग्रवाल की हत्या उसने श्याम बाबू पासी के साथ मिलकर अपने शूटरों से कराई थी। इसके अलावा सरायमीर, आजमगढ़ में हत्या की साजिश रचकर उसने शूटर भेजे थे, लेकिन गोरखपुर एसटीएफ टीम ने समय रहते मुठभेड़ के बाद शूटरों को गिरफ्तार कर लिया था।
यही नहीं, गोरखपुर जेल में रहते हुए पंकज यादव और श्याम बाबू पासी ने मिलकर लालगंज, आजमगढ़ के पास एक व्यापारी की उसके 10 वर्षीय बेटे के सामने हत्या करवाई थी। इसमें भी एसटीएफ की टीम ने शूटरों को गिरफ्तार कर पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया था।
