नई दिल्ली , स्पोर्ट्स डेस्क : पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद हाल ही में निशाने पर थे और इसका कारण उनको सनराइजर्स लीड्स द्वारा इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड में खरीदा जाना था जिसका मालिकाना हक भारत की काव्या मारन के पास है। काव्या मारान के इस फैसले की सुनील गावस्कर ने भी आलोचना की थी। हालांकि, अबरार को गावस्कर या अन्य लोगों की आलोचना की परवाह नहीं है। अबरार इस पूरे विवाद को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं।
सनराइजर्स ने अबरार को 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा है। इस टीम की मालकिन काव्या आईपील टीम सनराइजर्स हैदराबाद की भी मालिक हैं। भारत में इस फैसले को लेकर काफी विरोध देखने को मिला। कई दिग्गजों ने इसकी आलोचना की थी, लेकिन अबरार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
ईसीबी और फ्रेंचाइजी के बीच का है मामला
इस मामले पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और अबरार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन टेलिकॉम एशिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले को लेकर उन्हें किसी तरह की चिंता नहीं है क्योंकि ये इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड और फ्रेंचाइजी के बीच का मामला है।
रिपोर्ट में पीसीबी के सूत्र के हवाले से लिखा है, “अबरार को लेकर जो शोर मच रहा है वो अप्रत्याशित नहीं है, लेकिन वह इससे किसी भी तरह से चिंतित नहीं हैं। अबरार ने खुद इस लीग के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। वह टी20 इंटरनेशनल में टॉप-3 के गेंदबाज हैं।”
इसलिए हो रही थी आलोचना
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध इस समय काफी खराब स्थिति हैं। दोनों देशों के बीच रिश्ते पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद और बिगड़ गए थे। इस हमले के बाद पाकिस्तान का भारत में विरोध काफी जोर-शोर से हो रहा है। यही कारण है कि भारत के कई दिग्गज सनराइजर्स के फैसले का विरोध कर रहे थे।
