रिपब्लिक समाचार, स्पोर्ट्स डेस्क :13 फरवरी 2026 को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-बी मुकाबले में जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरी सफलता हासिल की। इससे पहले वह आमोन की टीम को भी मात दे चुका है। खास बात यह है कि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे की यह दूसरी जीत है—पहली बार 2007 में ऐसा हुआ था।
टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने इस निर्णय को गलत साबित कर दिया। टीम ने निर्धारित 20 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 169 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। ओपनर ब्रायन बेनेट ने 64 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 7 चौके शामिल रहे। तदीवानाशे मारुमानी ने तेज शुरुआत करते हुए 21 गेंदों में 35 रन जोड़े। इसके अलावा रेयान बर्ल ने 30 गेंदों पर 35 रन बनाए, जबकि कप्तान सिकंदर रजा ने 13 गेंदों में नाबाद 25 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही
170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले के दौरान ही चार विकेट गिर गए और स्कोर 38 रन पर सिमट गया। जोश इंग्लिस, कैमरन ग्रीन, टिम डेविड और ट्रेविस हेड जैसे प्रमुख बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौट गए।
हालांकि मिडिल ओवरों में मैट रेंसॉ और ग्लेन मैक्सवेल ने 77 रन की साझेदारी कर टीम को मुकाबले में लौटाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम ओवरों में जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने फिर से दबाव बनाया। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.3 ओवर में 146 रन पर सिमट गई और 23 रन से हार का सामना करना पड़ा।
जिम्बाब्वे की जीत में तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी और ब्रैड इवांस की भूमिका निर्णायक रही। मुजरबानी ने चार ओवर में मात्र 17 रन देकर चार विकेट झटके। वहीं, इवांस ने 3.3 ओवर में 23 रन खर्च कर तीन बल्लेबाजों को आउट किया। इसके अलावा वेलिंगटन मसाकाद्जा और रेयान बर्ल ने भी एक-एक विकेट लेकर टीम की जीत में योगदान दिया।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक ऑस्ट्रेलिया और जिम्बाब्वे के बीच दो ही मुकाबले खेले गए हैं और दोनों बार जीत जिम्बाब्वे के खाते में गई है। क्रिकेट जगत के लिए यह आंकड़ा किसी बड़े आश्चर्य से कम नहीं है।
