कोलकाता, डिजिटल डेस्क : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन को राज्य आने का खुला न्योता दिया और हर दौरे पर पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। रवींद्र सदन में कट्टरवाद-विरोधी एक साहित्यिक कार्यक्रम में नसरीन करीब 19 साल बाद पहली बार कोलकाता में सार्वजनिक रूप से दिखाई दीं। इस मौके पर अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री और पुलिस विभाग के प्रभारी मंत्री के नाते मेरा कर्तव्य है कि जब भी आप पश्चिम बंगाल आएं, आपको सुरक्षा मुहैया कराई जाए। सिर्फ एक बार नहीं, जितनी बार चाहें आएं। आपको पूरी सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के साथ बंगाल भी बदल गया है। यह बंधनों और डर से मुक्त पश्चिम बंगाल है। यहां संविधान का हर स्तंभ सुरक्षित है। हर किसी को आने का अधिकार है और अभिव्यक्ति की आजादी है। अधिकारी ने नसरीन का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी ही साबित करती है कि नई सरकार के तहत लोकतंत्र, संविधान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने धमकियों और लोगों को चुप कराने के दौर के खत्म होने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने नसरीन को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का पोर्ट्रेट भी भेंट किया। यह कार्यक्रम नसरीन की नवंबर 2007 के बाद कोलकाता में पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी। तब उनकी आत्मकथा ‘द्विखंडित’ के कुछ अंशों को लेकर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने किताब पर प्रतिबंध लगा दिया था और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देते हुए उन्हें शहर से बाहर कर दिया था। इसके बाद वे राज्य छोड़कर चली गईं। नसरीन धार्मिक कट्टरवाद की आलोचना और महिलाओं के अधिकारों की पैरोकारी के लिए जानी जाती हैं। 1994 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद से वे निर्वासन में रह रही हैं। Post navigation कीमती पत्थर की अफवाह पर टाइगर रिजर्व में उमड़े हजारों ग्रामीण बेन स्टोक्स की टेस्ट क्रिकेट में होगी वापसी, खेलेंगे अगली एशेज सीरीज!