नई दिल्ली, न्यूज़ डेस्क : Indian Coast Guard : भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के चौथे, पांचवें और छठे एयर कुशन व्हीकल (एसीवी) का ‘गर्डर लेइंग’ समारोह सोमवार को गोवा स्थित चौगुले शिपयार्ड के रस्सैम यार्ड में आयोजित किया गया। ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत इन एयर कुशन व्हीकल का निर्माण भारत में 50 % स्वदेशी सामग्री के साथ किया जा रहा है, जिसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
2024 में हुआ था निर्माण अनुबंध
भारतीय तटरक्षक बल के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित छह एयर कुशन व्हीकल के निर्माण का अनुबंध 24 अक्टूबर 2024 को चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, गोवा के साथ किया गया था। इन अत्याधुनिक एसीवी का उपयोग कई समुद्री अभियानों में किया जाएगा।
कई समुद्री अभियानों में होंगे तैनात
इन एयर कुशन व्हीकल को उच्च गति तटीय गश्त, उथले जल क्षेत्रों, दलदली इलाकों और गहरे समुद्र में टोही अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, ये दिन-रात अवरोधन एवं निरोधक अभियान चलाने के साथ-साथ खोज और बचाव अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संकटग्रस्त नौकाओं को भी दे सकेंगे सहायता
भारतीय तटरक्षक बल ने बताया कि ये एसीवी संकटग्रस्त जहाजों और नौकाओं को सहायता पहुंचाने में भी सक्षम होंगे। इनकी तैनाती भारत के विशाल और गतिशील तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करेगी।
रणनीतिक क्षमता में होगा इजाफा
तटरक्षक बल के अनुसार, इन स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल के शामिल होने से बल की रणनीतिक गतिशीलता और परिचालन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। यह परियोजना रक्षा विनिर्माण में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करेगी।
