Thailand-Cambodia झड़प में प्राचीन हिंदू मंदिर को नुकसान

Thailand-Cambodia-hindu-temple-clash

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : Thailand-Cambodia Temple Clash : भारत ने थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हालिया सीमा झड़प में 1100 साल पुराने प्राचीन हिंदू मंदिर ‘प्रीह विहियर या प्रीह विहार’ को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। यह मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दोनों देशों के बीच विवाद का केंद्र बिंदु बना हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा, ‘संरक्षण सुविधाओं को कोई भी नुकसान पहुंचना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह चिंता की बात है। प्रीह विहियर मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है और यह पूरी इंसानियत की साझा सांस्कृतिक विरासत है।’

दोनों पक्ष संयम दिखाएं और लड़ाई बंद करें-भारत

जायसवाल ने कहा, ‘भारत इस मंदिर के संरक्षण में लंबे समय से निकटता से जुड़ा हुआ है। हमें पूरी उम्मीद है कि मंदिर और उससे जुड़ी संरक्षण सुविधाओं की पूरी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।’ विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से एक बार फिर संयम बरतने और लड़ाई बंद करने की अपील की। बयान में कहा गया, ‘हम दोनों पक्षों से फिर अपील करते हैं कि वे संयम दिखाएं, दुश्मनी बंद करें, आगे तनाव न बढ़ने दें और बातचीत व अमन के रास्ते पर लौटें।’ बता दें कि दोनों देशों के बीच पूरे विवाद का एक बड़ा कारण यह प्राचीन हिंदू मंदिर भी है।

झड़प फिर शुरू, तीन थाई नागरिक मारे गए
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जुलाई में 5 दिन चली लड़ाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद रुक गई थी, लेकिन अब सीजफायर टूट गया है। पिछले हफ्ते 2 थाई सैनिकों के घायल होने के बाद बड़ी लड़ाई शुरू हो गई। थाई सेना के मुताबिक गुरुवार को हुई भारी गोलीबारी में 3 थाई नागरिक मारे गए। दोनों तरफ अब तक करीब 24 लोगों के मरने और लाखों लोगों के बेघर होने की खबर है।

ICJ ने मंदिर को बताया था कंबोडिया का हिस्सा

बुधवार को यूनेस्को ने भी मंदिर के आसपास हो रही लड़ाई पर गहरी चिंता जताई और कहा कि वह जरूरत पड़ने पर तकनीकी मदद देने को तैयार है ताकि सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा हो सके। दोनों देशों के बीच यह विवाद सौ साल से ज्यादा पुराना है। 1907 में फ्रांसीसी कॉलोनी काल में बनाए गए एक नक्शे को थाईलैंड गलत मानता है। 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत ने मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा बताया था, जिसे आज भी थाईलैंड के कई लोग स्वीकार नहीं करते। भारत ने दोनों देशों से शांति की पुरजोर अपील की है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही यह प्राचीन धरोहर पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी।

India’s cricketers will score 200 against New Zealand Designs of Mehendi for Karwa Chauth in 2024 Indian Women’s T20 World Cup Qualifiers Simple Fitness Advice for the Holidays Top 5 Business Schools in the World