Gorakhpur : ठेकेदार ने टेंडर बाबू को दी घूस की रकम, एंटी करप्शन ने रंगे हाथों पकड़ा

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गोरखपुर, संवाददाता : छह जनवरी को अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार से एफडीआर रिलीज करने का आदेश कराकर टेंडर बाबू को दिया। इसके बाद भी एफडीआर नहीं मिल रहा था। परेशान होकर इसकी जानकारी एंटी करप्शन की टीम को दी। एंटी करप्शन अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही शिव कुमार त्रिपाठी कार्यालय के बाहर टेंडर बाबू को रुपये देकर अपनी कार में बैठे, टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

एंटी करप्शन की टीम ने बुधवार दोपहर मोहद्दीपुर स्थित विद्युत वितरण मंडल द्वितीय के कार्यालय में तैनात टेंडर बाबू अभिषेक भारती को ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी से पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, भारती किसी टेंडर को पास कराने के लिए लगातार ठेकेदार से अवैध धन की मांग कर रहे थे। मामले में विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।

गोरखनाथ के गांधीनगर निवासी शिव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सिकरीगंज, कौड़ीराम, सहजनवां खंड में काम पूरा करने के बाद एफडीआर वापस लेने के लिए भागदौड़ कर रहा था। टेंडर बाबू अभिषेक भारती रुपये की मांग कर रहे थे

अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार से एफडीआर रिलीज करने का आदेश कराकर टेंडर बाबू को दिया

छह जनवरी को अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार से एफडीआर रिलीज करने का आदेश कराकर टेंडर बाबू को दिया। इसके बाद भी एफडीआर नहीं मिल रहा था। परेशान होकर इसकी जानकारी एंटी करप्शन की टीम को दी। एंटी करप्शन अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही शिव कुमार त्रिपाठी कार्यालय के बाहर टेंडर बाबू को रुपये देकर अपनी कार में बैठे, टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद टीम ने बाबू के कार्यालय पर ताला लगा दिया और उसे कैंट थाने ले गई। अभिषेक महराजगंज जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत नगरपालिका परिषद के नेहरूनगर के निवासी हैं। विद्युत वितरण मंडल द्वितीय में लंबे समय से टेंडर बाबू के पद पर तैनात अभिषेक भारती के खिलाफ यह कार्रवाई बिजली निगम के कर्मचारियों और ठेकेदारों के बीच सनसनी मचा गई है।

स्थानीय ठेकेदारों और कर्मचारियों का कहना है कि भारती ने कई टेंडरों में घूस की मांग की थी और इस गिरफ्तारी से अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल है। ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी सिक्योरिटी मनी छुड़ाने के दौरान अभिषेक भारती ने अवैध राशि की मांग की थी।

उन्होंने छह जनवरी को ही एंटी करप्शन में शिकायत दर्ज करवाई थी। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता केके राठौर ने बताया कि कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की विभागीय जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ।

गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में अफरा-तफरी

गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में अफरातफरी मच गई है। कर्मचारियों और ठेकेदारों का कहना है कि अब किसी को भी टेंडर पास कराने या सिक्योरिटी मनी छुड़ाने के लिए अवैध साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एंटी करप्शन टीम मामले की आगे की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं

दोबार आई टीम, कार्यालय का ताला खोलकर की जांच तकरीबन एक घंटे बाद दो गाड़ियों से टीम के सदस्य वापस आए और ताला खोलकर कार्यालय की जांच की। उन्होंने अधीक्षण अभियंता द्वितीय का कार्यभार देख रहे अधीक्षण अभियंता प्रथम केके राठौर को बुलवाया और कुछ फाइलों की फोटोकाॅपी कराई। चार दिन पहले टेंडर क्लर्क के कार्यालय में शिव कुमार त्रिपाठी और अभिषेक भारती में बहस भी हुई थी।

फोन कर टेंडर क्लर्क को नीचे बुलाया
दोपहर ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी ने फोन कर प्रथम तल पर स्थित कार्यालय में बैठे टेंडर क्लर्क अभिषेक भारती को नीचे बुलाया। अभिषेक कार्यालय के नीचे आए तो शिव कुमार त्रिपाठी ने उनके कंधे पर हाथ रखकर थोड़ी देर बात की और फिर पांच हजार रुपये उनके हाथ में रख दिए।

जैसे ही शिव कुमार त्रिपाठी ने रुपये देकर निकले, वहां निरीक्षक सुबोध कुमार के नेतृत्व में मौजूद सात से आठ की संख्या में लोगों ने अभिषेक भारती को पकड़ लिया।

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