नई दिल्ली वर्ल्ड डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को ईरान पर अपना रुख और कड़ा कर दिया। ट्रंप ने दो टूक कह दिया कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, और उसे बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के अगले सर्वोच्चा नेता के चयन की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले लगातार जारी हैं तथा इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में इजराइल एवं अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमलों में मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के स्थान पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का सर्वोच्च नेता के तौर पर चयन अस्वीकार्य होगा।
ईरान और अमेरिका-इजराइल गठबंधन के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, मध्य पूर्व में लगातार सातवें दिन भी प्रत्यक्ष सैन्य टकराव जारी है और तनाव कम होने के कोई तत्काल संकेत नहीं दिख रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले छह दिनों में ईरान में इस युद्ध में मरने वालों की संख्या 1,200 से अधिक हो गई है, लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। युद्ध हर दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे मध्य पूर्व और उससे बाहर के 14 और देश प्रभावित हो रहे हैं।
कुछ देशों ने मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं – ईरानी राष्ट्रपति
ईरान द्वारा कुवैत पर किए गए जवाबी हमलों के बाद अमेरिकी दूतावास बंद हो गया है, और ईरान में युद्ध बढ़ने के साथ ही पूरी तरह से काम बंद करने वाला यह दूसरा अमेरिकी राजनयिक मिशन बन गया है। कुवैत वह स्थान भी है जहां रविवार को एक ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि कुछ देशों ने मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
यह स्पष्ट होना चाहिए: हम इस क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता की रक्षा करने में कोई संकोच नहीं है। मध्यस्थता में उन लोगों को शामिल किया जाना चाहिए जिन्होंने ईरानी जनता को कम आंका और इस संघर्ष को भड़काया।
