नई दिल्ली, वर्ल्ड डेस्क : Iran News : ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है। इस बीच खबर है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने बढ़ते अमेरिकी खतरे के बीच अंडरग्राउंड शेल्टर में शरण ली है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत बंकर में शिफ्ट कर दिया गया है। यह कदम अमेरिका से संभावित सैन्य हमले की आशंका के चलते उठाया गया है
रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई को तेहरान से जुड़ी एक विशेष अंडरग्राउंड सुविधा में ले जाया गया है, जहां कई आपस में जुड़ी सुरंगें और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। यह ठिकाना इतना सुरक्षित बताया जा रहा है कि यह परमाणु हमला भी झेल सकता है। इस बीच, खामेनेई ने अपनी दैनिक जिम्मेदारियां और कार्यकारी कमान अपने तीसरे बेटे मसूद खामेनेई को सौंप दी है। मसूद अब सुप्रीम लीडर के कार्यालय के रोजमर्रा के संचालन की देखरेख कर रहे हैं।
कैसी है सुरक्षा व्यवस्था ?
यह अंडरग्राउंड सुविधा बेहद मजबूत और सुरक्षित बताई जाती है, जो आपात स्थिति में तेजी से स्थानांतरण की सुविधा देती है। ईरान के सुप्रीम लीडर की सुरक्षा पहले से ही अत्याधुनिक स्तर की है, जिसमें विशेष यूनिट्स और बंकर सुविधाएं शामिल हैं। यह घटनाक्रम ईरान-अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय मुद्दों से जुड़ा हुआ है। ईरान ने बार-बार कहा है कि वह किसी भी बाहरी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देगा।
अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खामेनेई का अंडरग्राउंड होना चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी युद्धपोत और फाइटर जेट्स तैनात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ने से तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका ने USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group सहित कई युद्धपोत, F-35C स्टील्थ फाइटर जेट्स और F/A-18E की तैनाती की है, जो हिंद महासागर से अरब सागर या फारस की खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं।
हाई अलर्ट पर ईरानी सेना
ट्रंप ने ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता बताई है और ईरान को उकसावे से रोकने के लिए इसे एहतियाती कदम करार दिया है। ईरान की ओर से साफ चेतावनी दी गई है कि किसी भी सीमित हमले को भी पूर्ण युद्ध माना जाएगा। ईरानी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। खामेनेई के इस शेल्टर में जाने को खतरे की गंभीरता का संकेत माना जा रहा है।
