रिपब्लिक समाचार, न्यूज़ डेस्क : UIDAI News : भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने देश भर के 83000 स्कूली छात्रों के लिए एक करोड़ से अधिक अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) को पूरा करने का लक्ष्य हासिल किया।
इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय के अनुसार, यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में स्कूली छात्रों के लिए यह विशेष एमबीयू अभियान शुरू किया था। यह मिशन मोड अभियान तब तक चलता रहेगा जब तक देश के सभी विद्यालय इसमें शामिल नहीं हो जाते। इस पहल से अब तक 83,000 विद्यालयों के 1 करोड़ बच्चे लाभान्वित हुए और कई और भी बच्चों को इससे लाभान्वित होने की आशा है।
अभिभावकों द्वारा पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे के आधार कार्ड के लिए पंजीकरण कराते समय उसकी फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स आधार पंजीकरण के लिए नहीं लिए जाते हैं क्योंकि इस आयु में ये परिपक्व नहीं होते हैं। इसलिए, 5 से 15 वर्ष की आयु पार करने के बाद, फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स (एमबीयू) प्रक्रिया का पालन करते हुए आधार में फिंगरप्रिंट और आइरिस बायोमेट्रिक्स की जानकारी देना अनिवार्य है।
5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष के बच्चों के लिए एमबीयू निःशुल्क
गौरतलब हो, आधार में एमबीयू न होने से विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने, एनईईटी, जेईई, सीयूईटी आदि जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण कराने के दौरान प्रमाणीकरण में कठिनाइयां आ सकती हैं।
बच्चों को एमबीयू पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करने और इस सेवा को सभी के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से, यूआईडीएआई ने 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के लिए एमबीयू के शुल्क को 1 अक्टूबर 2025 से एक वर्ष की अवधि के लिए माफ कर दिया था। इसके अलावा, 5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष के बच्चों के लिए एमबीयू निःशुल्क बना हुआ है।
वहीं, स्कूलों में आयोजित शिविरों के अलावा, बच्चे देश भर में चल रहे आधार नामांकन केंद्रों और आधार सेवा केंद्रों में भी अपना आधार पंजीकरण फॉर्म भर सकते हैं। इसी अवधि में इन केंद्रों पर आने वाले बच्चों द्वारा लगभग 1.3 करोड़ आधार पंजीकरण फॉर्म भरे जा चुके हैं।
