लखनऊ, ब्यूरो : UP SIR Process : उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के लिए अच्छी खबर आई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समय-सीमा में बदलाव किया है। यह अपडेट 1 जनवरी 2026 की तारीख को बदलकर आगे बढ़ाने को लेकर है, जो मतदाता सूची के लिए है।
निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होते ही अपनी जानकारी जरूर जांच लें। समय रहते सुधार या आपत्ति दर्ज कराने से भविष्य में मतदान के समय किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है। अगर आप यूपी के मतदाता हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है।
18 साल के होने वाले युवाओं का नाम भी होगा शामिल
पारदर्शी बनाया जा सकेगा। इससे एक सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो नए युवा वोटर 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरे कर रहे हैं वो भी अपना नाम मतदाता सूची में जोड़ सकेंगे। पहले इस प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी डेट रखी गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है।
ECI के निर्देशानुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए voters.eci.gov.in पर जाएं या ऑफलाइन फॉर्म BLO को दें। घोषणा पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करें, जैसे- जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र और आधार आधार ये सभी जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी।
6 जनवरी 2026 को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
निर्वाचन आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार, उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 06 जनवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। ECI का कहना है कि अभी एक महीने का अभियान और चलाया जाएगा, जिसमें दूसरे चरण में करोड़ों नए मतदाताओं को शामिल किया जाएगा। ज्यादा जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क करें या फिर ऑफिशियल वेबसाइट पर देखें।
तारीख बढ़ने पर अखिलेश ने जताई आशंका ?
देश के अलग अलग राज्यों में वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) करवाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट की गहन जांच हो रही है। यूपी में 31 दिसंबर को ड्रॉफ्ट लिस्ट जारी होनी थी जिसे अब बढ़ाकर 6 जनवरी कर दिया गया है। वहीं, तारीख बढ़ाने को लेकर अभिलेश यादव ने तंज चुनाव आयोग पर तंज कसा है, उन्होंने पोस्ट कर लिखा- ‘जैसे चुनाव में मतदान का प्रतिशत व परिणाम घोषित करने में देर होने से जनता को आशंका होती है वैसी ही आंशका मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि टाले जाने से हो रही है। कहीं ‘मानवीय भूल के बहाने’ मतदाताओं का आंकड़ा बढ़ न जाए।’
