नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात के 128वें एपिसोड में उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सर्दियों के दौरान औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं और देशभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। पीएम मोदी के अनुसार दुनिया के कई देशों ने विंटर टूरिज्म को अपनी अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बना लिया है, जहां स्कीइंग, स्नो-बोर्डिंग, आइस क्लाइंबिंग, स्नो ट्रेकिंग और फैमिली स्नो पार्क विशेष आकर्षण होते हैं।
भारत में भी विंटर टूरिज्म की अपार संभावनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में भी विंटर टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि ऊंचे पर्वत, प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और एडवेंचर गतिविधियां भारत को इस क्षेत्र में बड़ी पहचान दिला सकती हैं। उन्होंने विशेष उदाहरण देते हुए कहा कि पिथौरागढ़ जिले में 14 हजार फुट से ज्यादा ऊंचाई पर पहली बार हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन आयोजित की गई, जिसमें 18 राज्यों के 750 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री ने 60 किलोमीटर लंबी आदि कैलाश परिक्रमा रन का भी जिक्र किया, जो कड़कड़ाती ठंड में सुबह 5 बजे शुरू हुई। उन्होंने कहा कि इतनी ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। उन्होंने यह भी बताया कि आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों की संख्या पहले दो हजार थी, जो अब बढ़कर तीस हजार से अधिक हो गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले हफ्तों में उत्तराखंड में विंटर गेम्स का आयोजन होने वाला है, जिसके लिए देशभर के खिलाड़ी और एडवेंचर प्रेमी उत्साहित हैं। स्कीइंग, स्नो-बोर्डिंग और बर्फ से जुड़े अन्य खेलों की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और होमस्टे नीति को मजबूत कर रही है।
प्रधानमंत्री ने सर्दियों में बढ़ती डेस्टिनेशन वेडिंग्स की लोकप्रियता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ‘वेड इन इंडिया’ अभियान के साथ पहाड़ों पर होने वाली शादियों में तेजी आई है। गंगा किनारे होने वाली शादियां भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। पीएम मोदी ने अंत में कहा कि सर्दियों में हिमालय की वादियों में जाने का अनुभव जीवन भर याद रहता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अगर इस सर्दी यात्रा की योजना बना रहे हों, तो उत्तराखंड और हिमालय की वादियों को जरूर शामिल करें।
