Vaibhav-Sooryavanhi

नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क : भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को लगता है कि वैभव सूर्यवंशी को 15 साल की उम्र में लीडरशिप रोल देना बड़ी गलती होगी। तेंदुलकर का मानना है कि सूर्यवंशी को अभी और फर्स्ट क्लास मैच खेलने देना चाहिए और उसके बाद ही उन्हें कप्तान के रूप में देखना चाहिए। वैभव ने आईपीएल में शानदार बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने इसके बाद टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया।

वैभव को कई पूर्व दिग्गज जेनरेशनल टैलेंट बता चुके हैं। सूर्यवंशी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी झलक भी दिखाई है लेकिन संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की वजह से उन्हें लगातार मौके नहीं मिल पा रहे हैं। वे 15 साल के हैं और इस उम्र में उन्हें कप्तानी दिए जाने को लेकर तेंदुलकर ने अपनी राय दी है।

वैभव सूर्यवंशी पर बोले सचिन तेंदुलकर

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर तेंदुलकर से सवाल किया गया कि आप वैभव सूर्यवंशी को 15 साल की उम्र में कप्तानी की जिम्मेदारी दिए जाने के बारे में आप क्या सोचते हैं? इसका जवाब देते हुए पूर्व महान बल्लेबाज ने लिखा, “मुझे लगता है कि अभी उनके लिए दलीप ट्रॉफी में उप-कप्तान बनना बहुत जल्दी होगा। हमें उन्हें लाल गेंद से ज्यादा मैच खेलने देना चाहिए और उसके बाद कोई कदम उठाना चाहिए।”

तेंदुलकर से इसी दौरान उनसे मौजूदा समय के गैर-भारतीय पसंदीदा बल्लेबाजों के बारे में पूछा गया। इसका जवाब देते हुए उन्होंने हैरी ब्रूक, जो रूट और स्टीव स्मिथ का नाम लिया।

वैभव दलीप ट्रॉफी में बने थे उप-कप्तान

इसी साल खेली गई दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन के हाथों में सौंपी गई थी। वैभव भी इसी टीम का हिस्सा थे और उन्हें उप-कप्तान बनाया गया था। एक बार जब किशन मैदान से बाहर गए थे, तो वे कप्तानी करते हुए भी दिखे थे। इस दौरान उनके रिव्यू लेने को लेकर खूब चर्चा हुई थी क्योंकि उन्होंने कई सफल डीआरएस का इस्तेमाल किया था। हालांकि, तेंदुलकर को लगता है कि सूर्यवंशी को फिलहाल बल्लेबाज के तौर पर ही खेलना चाहिए और उसके बाद ही उन्हें कप्तानी देने के बारे में सोचना चाहिए।