गांधीनगर, ब्यूरो : Property Amendment Bill : गुजरात विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक ध्वनि मत से पारित किया गया। यह विधेयक 1991के ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम’ (Disturbed Areas Act) में संशोधन से जुड़ा है। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य अचल संपत्ति के अवैध हस्तांतरण पर अंकुश लगाना और वैध संपत्ति स्वामियों को सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से जबरन या संदिग्ध लेन-देन को रोकने में सहायता मिलेगी।
विधेयक पर चर्चा के दौरान राजस्व राज्य मंत्री संजय सिंह महिदा ने ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ जैसे गंभीर विषयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विशेष क्षेत्रों में सोची-समझी साजिश के तहत जनसांख्यिकीय परिवर्तन (Demographic Change) करने का प्रयास किया जाता है, जिससे मूल निवासियों को अनैच्छिक पलायन (Forced Migration) के लिए विवश होना पड़ता है। मंत्री ने अहमदाबाद के दानिलिम्दा जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह कानून लोगों को अपनी संपत्ति बचाने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने में शक्ति प्रदान करेगा।
कांग्रेस दल ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया है। विपक्षी विधायकों ने सरकार के ‘दंगा-मुक्त राज्य’ के दावे पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि यदि राज्य में स्थिति सामान्य है, तो ऐसे कड़े कानूनों का विस्तार क्यों किया जा रहा है। कांग्रेस का तर्क है कि 1986 में अस्थायी रूप से लाया गया यह कानून अब 744 क्षेत्रों तक फैल चुका है, जिसमें छोटे गाँव भी सम्मिलित हैं। विपक्ष ने इसे राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया कदम बताया।
