रिपब्लिक समाचार, ब्यूरो : नए साल के यूनियन बजट पेश करने की तैयारियां अब आखिरी चरण में हैं। इसी सिलसिले में, आज 27 जनवरी को नॉर्थ ब्लॉक में वित्त मंत्रालय में पारंपरिक ‘हलवा सेरेमनी’ हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हलवा बांटकर टीम के साथ मुंह मीठा किया।
यह सेरेमनी ‘लॉक-इन’ पीरियड की शुरुआत का प्रतीक है। आज से, बजट तैयार करने में शामिल अधिकारी बजट पेश होने तक बाहरी दुनिया से अलग नॉर्थ ब्लॉक में ही रहेंगे। यहां तक कि ये कर्मचारी अपने परिवारों से भी नहीं मिल पाएंगे और न ही फ़ोन या इंटरनेट के ज़रिए बाहरी दुनिया से संपर्क रखेंगे। यह कड़ी सुरक्षा इसलिए रखी जाती है ताकि टैक्स कटौती या सरकारी योजनाओं से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी समय से पहले लीक न हो जाए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल का बजट ‘डिजिटल इंडिया’ पहल को और मज़बूत करेगा। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के ज़रिए आम आदमी के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आसानी से उपलब्ध होगा। यह बजट सिर्फ़ पैसों का हिसाब-किताब नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन का भी सबूत है।
हलवा सेरेमनी की परंपरा देश की आज़ादी के बाद से ही चली आ रही है। इस रस्म का आयोजन बजट पेश करने की तैयारियां पूरी होने के बाद किया जाता है। रस्म के दौरान मंत्रालय परिसर में एक बड़ी कड़ाही में हलवा बनाया जाता है। वित्त मंत्री खुद सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हलवा बांटते हैं। हलवा सेरेमनी के पीछे यह मान्यता है कि कोई भी शुभ काम शुरू करने से पहले कुछ मीठा खाना चाहिए, और इसलिए बजट पेश करने जैसे बड़े कार्यक्रम से पहले यह सेरेमनी होती है।
