लखनऊ ,शैलेश पाल : आशियाना थाने के एसएसआई धर्मवीर शाही पर युवती ने केस की विवेचना के दौरान यौन शोषण का आरोप लगाया है। युवती का आरोप है कि दरोगा ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया। शादी की बात करने पर पीटा और जान से मारने की धमकी दी। 30 जुलाई को दरोगा और उसके दो साथियों पर गाड़ी से कुचलने की कोशिश करने का भी आरोप है। डीसीपी मध्य से शिकायत के बाद आशियाना थाने में दरोगा और दो अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। दरोगा को निलंबित कर हिरासत में लिया गया है। मानकनगर निवासी युवती ने कुछ समय पहले बस्ती के छावनी थाने में बैतेपुर शंखपुर निवासी अभिषेक सिंह के खिलाफ यौन शोषण की एफआईआर दर्ज कराई थी। घटनास्थल आशियाना होने के कारण विवेचना यहां ट्रांसफर हुई थी। इसकी जांच एसएसआई धर्मवीर शाही कर रहे थे। युवती के अनुसार, 21 फरवरी को दरोगा ने उसे थाने बुलाया और मदद का भरोसा दिया। मार्च में उसे किला चौराहे के पास किराये के कमरे पर बुलाया। वहां दबाव बनाकर शारीरिक संबंध बनाए और शादी का वादा किया। झांसे में लेकर दरोगा उसका यौन शोषण करने लगा। युवती का कहना है कि डेढ़ माह पूर्व बनारस जाने पर उसे दरोगा के शादीशुदा होने की जानकारी हुई। इसके बाद उसने दूरी बनाई तो दरोगा उसे भावनात्मक रूप से परेशान करने लगा। 30 जुलाई को मां की दवा लेकर लौटते समय उसे गाड़ी से कुचलने की कोशिश की गई। युवती का आरोप है कि डीसीपी से शिकायत की जानकारी मिलने पर दरोगा उसके घर पहुंचा और पिटाई कर मोबाइल से वीडियो, तस्वीरें व चैट डिलीट कर दीं युवती का आरोप है कि डीसीपी से शिकायत की जानकारी मिलने पर दरोगा उसके घर पहुंचा और पिटाई कर मोबाइल से वीडियो, तस्वीरें व चैट डिलीट कर दीं। मूलरूप से गोरखपुर निवासी धर्मवीर शाही की भर्ती 1997 में बतौर सिपाही हुई थी। परीक्षा पास कर वह दरोगा बना। करीब दो वर्ष से वह आशियाना थाने में तैनात था। चल रही थी मामले की जांचडीसीपी मध्य विक्रांत वीर सिंह ने बताया कि आरोपी दरोगा धर्मवीर शाही के खिलाफ यौन शोषण, उनके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दरोगा को निलंबित कर दिया गया है और हिरासत में लेकर पूछताछ की जा जा रही है। एसीपी कैंट सुजीत दुबे इस मामले की जांच पहले से कर रहे थे। पहले भी दागदार हो चुकी वर्दीमई 2013 में गाजीपुर इलाके में इंस्पेक्टर संजय राय पर किशोर माज की हत्या का आरोप लगा था।फरवरी 2017 में सआदतगंज में तेल कारोबारी श्रवण साहू की हत्या में कई पुलिस वालों पर साजिश का आरोप था।सितंबर 2018 में गोमतीनगर विस्तार में सिपाही प्रशांत चौधरी व संदीप ने एप्पल कंपनी के सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की हत्या की थी।मार्च 2019 में सुशांत गोल्फ सिटी में दरोगा आशीष तिवारी, पवन मिश्र, सिपाही प्रदीप चालक आनंद यादव व एक अधिवक्ता पर कोयला कारोबारी के घर डकैती डाली थी।नवंबर 2023 में बिजनौर के कारोबारी को गेस्ट हाउस में बंधक बनाकर 20 हजार रुपये लूटने के मामले में दरोगा अनुराग द्विवेदी, हेड कांस्टेबल यूसुफ हुसैन, बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, साथी दिनेश, नसीम और शेखर का नाम आया था। Post navigation मासूम छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में सिपाही को हंगामे के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में राहुल गांधी,पप्पू यादव समेत 3 के खिलाफ FIR