लखनऊ, शैलेश पाल : लखनऊ में पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे वर्षों से अवैध रूप से रह रहा था। आरोपी ने आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट बनवाकर जमीन भी खरीदी थी। वह बिना डिग्री क्लीनिक चलाकर लोगों का इलाज कर पैसे वसूल रहा था।
भारत में घुसपैठ कर रह रहे बांग्लादेश के सदर नरैल निवासी अरुप बख्शी को बख्शी का तालाब पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ दरोगा योगेंद्र कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी फर्जी दस्तावेज बनवाकर बख्शी का तालाब स्थित अस्ती क्रॉसिंग के पास मां दुर्गापुरम कॉलोनी में अवैध रूप से रह रहा था।
एसीपी विकास कुमार पांडेय के मुताबिक पुलिस से एक गोपनीय शिकायत की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दरोगा योगेंद्र कुमार को जांच दी गई। जांच में पता चला कि अरुप बीते 14 वर्षों से अवैध रूप से भारत में रह रहा है।
अरुप बख्शी वर्ष 2012 में अवैध तरीके से भारत आया था। वह शुरू के दो वर्ष सीतापुर जनपद के उदरौली थाना महोली निवासी डॉ. स्वप्न विश्वास के पास रहा। इस दौरान उसने वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार बनवाया और बैंक अकाउंट भी खुलवा लिया।
ही नहीं, उसने भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया। वर्ष 2014-15 में आरोपी बख्शी का तालाब आ गया और अधिवक्ता मृत्युंजय सिंह चौहान के मकान में किराये पर रहने लगा। इसके बाद मामपुर बाना गांव में फर्जी दस्तावेज के जरिये वर्ष 2019 में 800 वर्गफीट जमीन भी खरीद ली। जांच में आरोपी के फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई। इसके बाद बांग्लादेशी अरुप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
लोगों का इलाज कर कमा रहा था पैसे
एसीपी के अनुसार, आरोपी वर्तमान में क्लीनिक चलाता था और इलाज के नाम पर लोगों से पैसे भी वसूलता था। उसके पास मेडिकल से संबंधित कोई डिग्री नहीं मिली। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद से पुलिस उसपर नजर बनाए हुए थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने सारे फर्जी दस्तावेज सीतापुर में रहकर बनाए थे।
पुलिस आरोपी के सीतापुर में रहने वाले करीबियों की सूची तैयार कर रही है। इसके अलावा लखनऊ में आरोपी के संपर्क में कौन लोग थे, इसकी जानकारी भी की जा रही है। पुलिस आरोपी के परिवार के लोगों से भी पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जा रहा है कि अरुप किसी संदिग्ध गतिविधियों में तो लिप्त नहीं था। आरोपी के पास से आधार कार्ड, मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
