नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क : OPEC : पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच टकराव जारी है, जिसके कारण होर्मुज स्ट्रेट बाधित है और पूरी दुनिया तेल और गैस के संकट का सामना कर रही है। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)ने मंगलवार को OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने का ऐलान किया है। यूएई ने कहा कि वह 1 मई से तेल कार्टेल ओपेक से अलग हो जाएगा।
संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी सरकारी समाचार एजेंसी WAM के माध्यम से यह घोषणा की। जिससे तेल उत्पादक समूह और उसके प्रमुख सऊदी अरब को बड़ा झटका लगा है।
UAE ने क्या कहा ?
यूएई ने कहा कि यह निर्णय यूएई के दीर्घकालिक रणनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण और विकसित हो रही ऊर्जा प्रोफाइल को दर्शाता है,जिसमें घरेलू ऊर्जा उत्पादन में त्वरित निवेश शामिल है। यूएई ने कहा कि हमारा निर्णय वैश्विक ऊर्जा बाजारों में एक जिम्मेदार,विश्वसनीय और दूरदर्शी भूमिका निभाने की उसकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार को लगा है झटका
यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में ऐतिहासिक गिरावट देखी जा रही है और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी हुई है। UAE जैसे लंबे समय से सदस्य देश के बाहर होने से OPEC के भीतर असंतुलन और मतभेद बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्पादन कोटा और रणनीति पर समूह की एकजुटता कमजोर हो सकती है। वहीं, यह फैसला सऊदी अरब के लिए भी अहम है क्योंकि यह ऐसे समय में सामने आया है जब संयुक्त अरब अमीरात का सऊदी अरब के साथ संघर्ष बढ़ता जा रहा है, खासकर आर्थिक मुद्दों और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ यमन में चल रहे युद्ध को लेकर।
