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कानपुर , संवाददाता : मानसूनी बारिश करने वाली ट्रफ लाइन तराई की तरफ खिसक गई है। इससे बादल तो रहेंगे लेकिन बारिश नहीं होगी। मानसून का ड्राई पैच शुरू हो गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में बादल रहेंगे लेकिन वर्षा की संभावना नहीं है।

वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि पहाड़ों, पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश है और इसके विपरीत गंगा के मैदानी इलाकों में सूखा (ब्रेक मानसून) की स्थिति है। मुख्य कारण मानसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक कर हिमालय की तलहटी में स्थानांतरित होना है। मानसून ट्रफ कम दबाव का एक ऐसा क्षेत्र होता है जो सामान्यतः पाकिस्तान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला रहता है।

जब यह ट्रफ लाइन उत्तर की ओर शिफ्ट होकर हिमालय के पहाड़ों के करीब पहुंच जाती है, तो मैदानी इलाकों से नमी और बादल पूरी तरह गायब हो जाते हैं। इस स्थिति में बंगाल की खाड़ी से आने वाली दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएं मैदानी भागों को पार कर सीधे हिमालय और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों से टकराती हैं।

इसके कारण पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश होती है

इसके कारण पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश होती है। ट्रफ लाइन के उत्तर जाने से मध्य और उत्तर भारत के मैदानी भागों में पश्चिम एशिया से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं प्रभावी हो जाती हैं। ये हवाएं बादलों के निर्माण को रोक देती हैं जिससे यूपी, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में उमस भरी गर्मी बढ़ जाती है।

मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जुलाई के तीसरे सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होने की संभावना बन रही है। जैसे ही यह सिस्टम मजबूत होगा, यह मानसून ट्रफ को दोबारा खींचकर दक्षिण की ओर मैदानी इलाकों में ले आएगा। मैदानी क्षेत्रों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और बारिश शुरू हो जाएगी।

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