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लखनऊ, संवाददाता : मोहनलालगंज में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बाद निगोहां के भोला खेड़ा गांव में भी कई लोगों के धर्म बदलने की बात सामने आई है। पड़ताल में पता चला है कि मिजोरम से आई एक महिला ने तीन साल तक यहां ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार किया। इसके लिए उसने अपना नाम नगहाकी से बदलकर अंजली रख लिया था। गिरोह के पकड़े जाने के बाद से महिला इलाके में नजर नहीं आ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि बीच में वह महिला दो बार गांव आई थी लेकिन दो-चार दिन इधर-उधर रुकने के बाद चली गई। उधर, धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा गया मलखान जमानत पर बाहर है। वह गांव बख्तौरी खेड़ा में खेतों में कमरा बनाकर चंगाई सभा लगाता था। स्थानीय लोगों की नाराजगी के बाद उसने ठिकाना बदल लिया है। अब वह और उसके साथी आशियाना के किला गांव में हर रविवार को सभा लगाते हैं। किला गांव में भी बड़े पैमाने पर लोगों के धर्मांतरण कराए हैं। मलखान गांव में खेती भी करता है।

चर्च में ताला बंद कर बदल लिया ठिकाना

निगोहां के उतरावां ग्राम पंचायत के मजरे भोलाखेड़ा में बने चर्च में फिलहाल ताला लगा है। गिरोह के पकड़े जाने के बाद संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त लोगों ने ठिकाने बदल लिए हैं। गिरोह अलग-अलग इलाकों में सक्रिय है और अभी भी लोगों को लालच देकर रविवार को प्रार्थना सभाओं में बुलाता है। दुबग्गा में भी एक गिरोह लोगों को गुमराह कर उन्हें धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहा है। आसपास के लोगों ने इस पर आपत्ति भी जताई है।

हिंदू संगठनों ने किया था हंगामा
मोहनलालगंज के भदेसुवा गांव में चंगाई सभा के आयोजन के दौरान बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख धर्मेंद्र शर्मा ने टीम के साथ छापा मारा था। मौके पर धोधनखेड़ा निवासी चंद्रिका प्रसाद, महिलाएं और बच्चे प्रार्थना करते मिले, जो हिंदू धर्म से थे। पूछताछ में धर्मांतरण की जानकारी मिली थी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने हंगामा किया था। नगराम के कमलापुर में भी गिरोह की जानकारी मिलने पर बजरंग दल ने विरोध जताया था।