लखनऊ , संवाददाता : लखनऊ में विजयदशमी पर ऐशबाग रामलीला मैदान में 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। श्रीराम के अग्निबाण छोड़ते ही मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। महानगर, खदरा और आलमबाग समेत कई स्थानों पर भी रावण दहन देखने भीड़ उमड़ी। सुरक्षा के लिए दमकल विभाग ने 46 गाड़ियां और 300 कर्मचारी तैनात किए। विजयदशमी पर मंगलवार की शाम राजधानी की रामलीलाओं में बुराई पर अच्छाई की जीत का दृश्य जीवंत हो उठा। ऐशबाग से लेकर महानगर, मौसमगंज, खदरा, सदर और आलमबाग रेलवे मैदान तक रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। शाम ढलते ही रामलीला मैदानों में उत्सव का रंग गहराने लगा। बच्चों की उत्सुक निगाहें रावण के पुतले पर टिकी थीं तो बड़े मोबाइल कैमरों में इस पल को सहेजने में जुटे रहे। ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मैदान में रावण दहन से पहले भव्य और ईकोफैंडली आतिशबाजी ने माहौल को और रोमांचक बना दिया। जैसे ही श्रीराम ने 75 फीट लंबे रावण के पुतले की ओर अग्निबाण छोड़ा, पुतले में आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते रावण धू-धू कर जल उठा। इसके साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आतिशबाजी की चमक, लपटों की रोशनी और हजारों लोगों के उल्लास ने शाम को यादगार बना दिया। दशहरे पर अग्नि सुरक्षा के लिए दमकल विभाग तैयार दशहरे पर अग्नि सुरक्षा के लिए दमकल विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। विभाग ने आग की घटनाओं से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल के साथ 46 दमकल और 300 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। चीफ फायर अफसर अंकुश मित्तल ने बताया कि बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों सहित करीब 30 स्थलों पर दमकल की गाड़ियां खड़ी की गई हैं। प्रत्येक दमकल पर चार जवान तैनात हैं। अन्य कर्मचारियों को रिजर्व में रखा गया है। सभी नौ फायर स्टेशनों के एफएसओ को अलर्ट कर दिया गया है। आग की सूचना मिलते ही तत्काल गाड़ी मौके पर रवाना होंगी। मजहब की दीवार से परे शबनम की दशहरे वाली खुशी हाथ में रावण का पुतला लेने की जिद और चेहरे पर त्योहार की खुशी… आठ साल की शबनम जब पुराने बांस-मंडी में दशहरे के लिए पुतला खरीदने पहुंची तो उसकी मासूम इच्छा ने सामाजिक एकता की खूबसूरत तस्वीर सामने रख दी। मुस्लिम परिवार की शबनम दशहरा मनाना चाहती थी। परिवार ने बेटी की खुशी को सिर्फ उसकी जिद नहीं माना, बल्कि उसके साथ खड़े होकर पुतला खरीदा। बातचीत में शबनम के पिता ने कहा कि त्योहार मनाने में हम भेद नहीं करते। दशहरा सभी का त्योहार है और बेटी ने इसे मनाने की इच्छा जताई तो हम उसके साथ हैं। पुतला लेकर लौटती शबनम के चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। उसके लिए न धर्म की दीवार थी, न त्योहार का भेद। उसकी छोटी-सी खुशी ने बड़ा संदेश दिया- खुशियां जब मिलकर मनाई जाती हैं तो रिश्ते और मजबूत होते हैं। लोगों ने उल्लास के साथ मनाया त्योहार विजयदशमी पर मंगलवार की शाम राजधानी की रामलीलाओं में बुराई पर अच्छाई की जीत का दृश्य जीवंत हो उठा। ऐशबाग से लेकर महानगर, मौसमगंज, खदरा, सदर और आलमबाग रेलवे मैदान तक रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। शाम ढलते ही रामलीला मैदानों में उत्सव का रंग गहराने लगा। बच्चों की उत्सुक निगाहें रावण के पुतले पर टिकी थीं तो बड़े मोबाइल कैमरों में इस पल को सहेजने में जुटे रहे। ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला मैदान में रावण दहन से पहले भव्य और ईकोफैंडली आतिशबाजी ने माहौल को और रोमांचक बना दिया। जैसे ही श्रीराम ने 75 फीट लंबे रावण के पुतले की ओर अग्निबाण छोड़ा, पुतले में आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते रावण धू-धू कर जल उठा। इसके साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आतिशबाजी की चमक, लपटों की रोशनी और हजारों लोगों के उल्लास ने शाम को यादगार बना दिया। Post navigation 25 हजार का इनामी गैंगस्टर गिरफ्तार, फर्जी जमानत पर हुआ था फरार