वाराणसी, संवाददाता : पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से काशी में मौसम ने करवट बदल लिया है। यहां रविवार शाम से शुरू हुई रिमझिम वर्षा रुक-रुक कर सोमवार की सुबह तक जारी है। मौसम में बदलाव के कारण सिहरन भी बढ़ गई है। सोमवार की सुबह से रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला लगातार जारी है।
जनवरी के पहले सप्ताह के बाद पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड बढ़ी थी। घने कोहरे और शीतलहर का असर आम जनजीवन पर देखने को मिला। जनवरी महीने में तीसरे सप्ताह में तो दो-तीन दिन तक धूप ही नहीं निकली। वहीं फरवरी राहत देने लगी। शुरुआती तीन दिनो तक हवा की रफ्तार कम होने के साथ ही धूप भी अच्छी रही। जिससे लोगों को कड़कड़ाती ठंड से काफी राहत मिली।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण चार फरवरी की दोपहर के बाद से पछुआ हवा करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही। रविवार को सुबह बादलों की आवाजाही से मौसम बदल गया। जबकि दोपहर बाद धूप होने से राहत जरूर हुई। शाम को शहरी और ग्रामीण इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं तेज वर्षा होने से मौसम बदल गया। सड़क पर कीचड़ होने से राह चलने में परेशानी भी हुई। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ मौसम में बदलाव की वजह है। सोमवार यानी आज भी बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहेगा। इस वजह से ठंड भी बढ़ सकती है।
