शासन-प्रशासन की उपेक्षा का शिकार पिलकिछा का सैकड़ों वर्ष पुराना तालाब

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जौनपुर, आर.एन.दुबे : सरकार द्वारा प्राप्त शासनादेश के अनुसार पंचायतों में उच्च अधिकारियों द्वारा नए तालाब की खुदाई और पुराने तालाबों का नवीनीकरण कर के तमाम रिकार्ड कायम किया जा रहा है,वही पर पिलकिछा ग्रामसभा स्थित दौलतलुर (तरवा ) गांव में एक तालाब ऐसा है। इस तालाब पर सैकड़ों वर्षों से पंचायत और पंचायती राज विभाग की तरफ से किसी अधिकारी,कर्मचारी या जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं गया। तमाम सरकारें आई और गई,कई जान प्रतिनिधि ग्राम सभा में आए और गए।किंतु तालाब की न तो साफ सफाई कभी की गई न ही कोई उठने बैठने की समुचित व्यवस्था की गई।

कुछ वयोवृद्ध ग्रामीणों से जानकारी लेने के बाद पता चला कि यह तालाब उनके पैदा होने से काफी समय पूर्व का है।उनके द्वारा बताया गया कि लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना तालाब हो चुका है और यह लगभग तीन बीघा में फैला हुआ है। प्रायः इस क्षेत्र में जब भी कोई शादी विवाह का कार्यक्रम किसी के घर में होता है तो आसपास की औरतें अइल तोड़वाने और विवाह के पश्चात विवाहित जोड़े यहां मौरी छोड़वाने के लिए आते हैं।

आज भी यह प्रथा इस तालाब के किनारे पूरे रीतिरिवाज के साथ निभाई जाती है।ऐसे में इस तालाब का सुंदरीकारण तो बड़ी दूर की बात है इसकी कभी साफ सफाई तक नहीं हुई,न ही पानी निकलने की कोई व्यवस्था है।तमाम जलकुंभी और अन्य जलीय प्रदूषण इसको खाए जा रहा है। देखने वाली बात यह है कि कब तक यहां के शासन – प्रशासन और जनप्रतिनिधि कुंभकरणी निद्रा में विराजमान रहते हैं। उक्त ग्रामसभा “मॉडल ग्राम पंचायत” के रूप में चयनित जिले का एक मात्र ग्रामसभा है,उसके बाद भी ऐसी दयनीय स्थिति है।

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