Russia–Ukraine की सेनाओं में कई जगह हो रही भीषण लड़ाई

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कीव, एपी : युद्धविराम की चर्चाओं के बीच रूस की सेना यूक्रेन के एक नए हिस्से में घुस गई है। रूसी सेना ने डोनेस्क प्रांत के निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र के कई गांवों पर कब्जा कर लिया है। जिस इलाके पर कब्जा हुआ है वह यूक्रेन का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। यूक्रेन का यह आठवां भाग है जहां पर रूसी सेना लड़ते हुए आगे आई है।

पता चला है कि डोनेस्क के कई मोर्चों पर रूस और यूक्रेन की सेनाओं में भीषण लड़ाई चल रही है। रूस ने युद्धविराम के लिए यूक्रेन के समक्ष पूरा डोनेस्क प्रांत छोड़ने की शर्त रखी है जिसके लिए यूक्रेन तैयार नहीं है।

रूस ने बुधवार को यूक्रेन के छह क्षेत्रों में स्थित बिजलीघरों और गैस ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर ड्रोन हमले किए। इन हमलों से हुए नुकसान से यूक्रेन के एक लाख से ज्यादा लोगों के घरों की बिजली गुल हो गई है। हमले से सबसे ज्यादा नुकसान पोल्टावा, चर्निहीव, खार्कीव और सुमी क्षेत्र में हुआ है।

लड़ाई के परिणामों से यूक्रेनी सेना काफी तनाव में

हाल के महीनों की लड़ाई के परिणामों से यूक्रेनी सेना काफी तनाव में है। वह हाथ से गए इलाकों को वापस लेने की कोशिश कर रही है, इसके विपरीत पास की जमीन उसके हाथ से खिसकती जा रही है।

इसका मतलब यह नहीं कि यूक्रेन की सुरक्षात्मक पंक्ति पूरी तरह से कमजोर है और रूस की सेना तेजी से आगे बढ़ रही है। क्योंकि रूस की सेना को कस्बों और शहरों में घुसने में बेहद कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।

यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खार्कीव पर कब्जे की कोशिश
सीमा के नजदीक स्थित यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खार्कीव पर कब्जे की रूसी सेना युद्ध की शुरुआत से कोशिश कर रही है लेकिन साढ़े तीन वर्ष की लड़ाई में उसे सफलता नहीं मिली है। दोनों देशों की सेनाओं के दसियों हजार सैनिक यूक्रेन की एक हजार किलोमीटर लंबी पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी सीमा पर लड़ रहे हैं। जिन इलाकों में लड़ाई चल रही है उनमें सुमी, खार्कीव, लुहांस्क, डोनेस्क, जपोरीजिया, खेरसान और मीकोलेव हैं।

रूस ने यूक्रेन की 20 प्रतिशत भूमि पर कब्जा कर लिया
रूस ने यूक्रेन की 20 प्रतिशत भूमि पर कब्जा कर लिया है और उसकी सेना निरंतर आगे बढ़ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों में शामिल होते हुए रूस ने पहले शांति समझौता और उसके बाद युद्धविराम की बात कही है जबकि यूक्रेन पहले युद्धविराम चाहता है और उसके बाद शांति समझौता चाहता है।

बुधवार को रूस ने साफ कर दिया कि यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी के मामले में उसे यूरोपीय देशों या नाटो का दखल मंजूर नहीं है। शर्तों के अनुसार समझौता होता है तो वह अमेरिका के साथ मिलकर यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने को तैयार है।

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